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नारायणी नदी से बहकर भारत पहुंचे चार अज्ञात शव, DNA नमूने सुरक्षित कर नेपाल को सौंपे - aksharsamvad.com
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नारायणी नदी से मिले चार अज्ञात शवों के मामले में ठूठीबारी सीमा पर दस्तावेजों का आदान-प्रदान करते भारत और नेपाल के अधिकारी।

महराजगंज : नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों तक दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में नारायणी नदी से मिले चार अज्ञात शवों को आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल प्रहरी को सौंप दिया गया। इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे। भविष्य में पहचान संभव हो सके, इसके लिए सभी के डीएनए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं।

तेज बहाव के साथ भारतीय सीमा में पहुंचे

जानकारी के अनुसार, नेपाल में 26 अगस्त को आई प्राकृतिक आपदा के बाद नारायणी नदी का जलस्तर और प्रवाह काफी बढ़ गया था। इसी तेज बहाव के साथ चारों शव 27 अगस्त को भारत की सीमा में पहुंचे। सूचना मिलने पर निचलौल पुलिस और राहत दल ने उन्हें नदी किनारे से बरामद कर आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। पहचान तत्काल नहीं होने के कारण चारों शवों को महराजगंज जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया। प्रशासन ने नेपाल पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी थी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने पहचान अथवा परिजनों के दावे के लिए निर्धारित 72 घंटे तक प्रतीक्षा की।

पहचान के लिए सुरक्षित किए गए DNA नमूने

निर्धारित अवधि तक पहचान नहीं होने के बाद चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान डीएनए नमूने भी सुरक्षित किए गए, ताकि भविष्य में किसी परिवार की ओर से दावा किए जाने पर वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से पहचान सुनिश्चित की जा सके। एडीएम डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, प्रशासन ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। आपदा के बाद नेपाल में भी अज्ञात मृतकों की पहचान के लिए डीएनए नमूने और संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

रात में खोला गया ठूठीबारी सीमा का मुख्य द्वार

प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार रात निचलौल तहसीलदार अमित कुमार सिंह की देखरेख में पुलिस टीम चारों शव लेकर ठूठीबारी सीमा पर पहुंची। मानवीय और प्रशासनिक समन्वय के तहत रात करीब साढ़े दस बजे सीमा का मुख्य द्वार खोला गया। इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों और डीएनए रिकॉर्ड से संबंधित विवरण के साथ चारों शव नेपाल प्रहरी के इंस्पेक्टर शुभ राज बम को सौंप दिए। इस दौरान दोनों देशों के सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों ने औपचारिकताएं पूरी कीं। यह कार्रवाई भारत-नेपाल के बीच आपदा के समय मानवीय सहयोग और सीमा समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही हैं।

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