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JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर! परीक्षा नियमों में होगा बड़ा बदलाव, 23,610 पदों पर नियुक्ति का रास्ता सा

JPSC-JSSC की परीक्षा प्रणाली में सुधार की तैयारी, नियमावलियों में बदलाव के साथ CBT मोड पर जोर; झारखंड में 23,610 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी।

रांची : झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार नियमों और परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक बदलाव की तैयारी में है। परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों को रोकने, प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और पेपर लीक जैसी आशंकाओं पर अंकुश लगाने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनी उच्चस्तरीय कमेटी

सरकार ने दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसमें कार्मिक एवं वित्त सचिव को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति केवल परीक्षा प्रणाली की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आयोग के पदाधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़े मामलों पर भी सरकार को सुझाव देगी। इसमें आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति तथा उनकी सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे भर्ती परीक्षाओं को लेकर बार-बार उठने वाले सवालों और विवादों को कम किया जा सके।

नियमावलियों में बदलाव पर सरकार का जोर

JPSC और JSSC में होने वाली कई नियुक्तियों से संबंधित नियमावलियों में त्रुटियों के कारण प्रक्रियाएं प्रभावित होती रही हैं। कुछ मामलों में नियुक्तियां रोकनी या स्थगित करनी पड़ती हैं, जबकि कई विवाद न्यायालय तक पहुंच जाते हैं। इसके बाद अदालत के हस्तक्षेप और आदेश के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इसी वजह से सरकार अब ठोस और स्पष्ट नियमावली तैयार करने पर जोर दे रही है। परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के फैसले के बाद संबंधित विभागों को नियुक्ति नियमावलियों में आवश्यक संशोधन करने होंगे।

पेपर लीक रोकने के लिए CBT मोड पर जोर

परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT मोड को बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है। JSSC की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसके अलावा प्रारंभिक परीक्षाओं को कई चरणों में आयोजित कराने के विकल्प पर भी विचार चल रहा है। इससे एक ही दिन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की परीक्षा कराने का दबाव कम होगा और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। साथ ही पेपर लीक जैसी आशंकाओं को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

23,610 पदों पर नियुक्ति, युवाओं की नजर सरकार के फैसले पर

इस वर्ष JPSC और JSSC के माध्यम से कुल 23,610 पदों पर नियुक्ति होनी है। इनमें 1,645 पद JPSC तथा 21,965 पद JSSC के माध्यम से भरे जाने हैं। दोनों आयोगों द्वारा विज्ञापित पदों के अलावा विभिन्न विभागों से भेजी गई अधियाचनाएं भी इसमें शामिल हैं, जिनका विज्ञापन अभी जारी होना बाकी है।JPSC में 798 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है, जबकि 847 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जाना है। इसी तरह JSSC में 20,206 पदों पर प्रक्रिया चल रही है और 1,759 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जाना है।

ऐसे में सितंबर महीना अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि सरकार परीक्षा सुधारों और नियमावलियों में बदलाव को अंतिम रूप देती है, तो आने वाले समय में भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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