ईरान की नई धमकी से फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप बोले- ‘सबसे बड़ा हमला अभी बाकी’; तेहरान ने दी भारी कीमत चुकाने की चेतावन

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई नई चेतावनी ने सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को चेताते हुए कहा कि अगर तेहरान जवाबी कार्रवाई करता है तो उसे और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका की ओर से किया गया हमला अभी सबसे बड़ा हमला नहीं था।
इस बीच ईरान की ओर से भी अमेरिका को चेतावनी दी गई है। ईरानी पक्ष ने कहा है कि अमेरिकी हमलों का जवाब दिया जाएगा और इसके गंभीर परिणाम अमेरिका को भुगतने पड़ सकते हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने क्षेत्रीय तनाव को और गहरा कर दिया है।
IRGC ठिकानों पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ कथित हमले की कोशिशों के जवाब में की गई।
स्टेट ऑफ होर्मुज और आसपास के समुद्री क्षेत्र को लेकर भी तनाव बना हुआ है। यह इलाका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां किसी बड़े सैन्य टकराव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहने की आशंका है।
ईरान में मिसाइल हमलों का दावा
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के हवाले से ईरान के पूर्वी हिस्से में स्टेट ऑफ होर्मुज से जुड़े शहरों के आसपास मिसाइल गिरने की खबर सामने आई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार चाबहार और कोनारक काउंटियों के इलाकों में प्रोजेक्टाइल गिरने की सूचना मिली है। हालांकि, इन घटनाओं से हुए बड़े नुकसान की तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप का दावा- ईरान कमजोर हुआ
ट्रंप ने अपने बयान में ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उनके अनुसार अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई से ईरान को काफी नुकसान पहुंचा है और उसका नेतृत्व तथा सैन्य ढांचा कमजोर हुआ है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्तर पर आवश्यक है।
सैन्य कार्रवाई के साथ आर्थिक दबाव भी
ईरान के खिलाफ अमेरिकी दबाव केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है। ट्रंप प्रशासन की ओर से आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति पर भी काम किए जाने की बात सामने आई है। इसका उद्देश्य लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाना बताया जा रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों देशों के बीच यह टकराव किस दिशा में जाएगा। ट्रंप की ताजा चेतावनी और ईरान के जवाबी तेवरों के बीच आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।