
अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर इंतजार अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। देशभर से आए 5,585 आवेदनों की गहन स्क्रीनिंग के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है। अब ट्रस्ट की अहम बैठक में इन नामों पर अंतिम मंथन के बाद फैसला होने की उम्मीद है।
तीन नामों पर टिकी निगाहें
CEO पद की रेस में पूर्व IPS राजेश पांडेय, रिटायर्ड IAS योगेश्वर राम मिश्रा और बिहार कैडर के IPS डॉ. परेश सक्सेना के नाम सामने आए हैं। तीनों अधिकारियों का प्रशासनिक और सुरक्षा क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है।
तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने देशभर से मिले आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद शीर्ष योग्य उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपा है। अब अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में होना है।
राजेश पांडेय क्यों चर्चा में?
पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम इस दौड़ में प्रमुखता से लिया जा रहा है। उनके खाते में उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ लंबे समय तक काम करने का अनुभव है। वे STF और ATS के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं।
हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच से लेकर संवेदनशील जिलों में पुलिसिंग तक, उनके अनुभव को राम मंदिर जैसे बड़े और संवेदनशील धार्मिक स्थल के प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
योगेश्वर राम मिश्रा का अयोध्या कनेक्शन
रिटायर्ड IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा की उम्मीदवारी इसलिए खास है क्योंकि वे अयोध्या के जिलाधिकारी रह चुके हैं।
1985 बैच के पीपीएस और 2005 बैच के IAS अधिकारी रहे मिश्रा को अयोध्या प्रशासन संभालने का प्रत्यक्ष अनुभव है। उनके कार्यकाल में राम मंदिर परियोजना और अयोध्या के कायाकल्प से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य भी प्राथमिकता में रहे।
यही वजह है कि CEO पद के लिए उनका अयोध्या अनुभव एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
डॉ. परेश सक्सेना भी अंतिम रेस में
तीसरे दावेदार के तौर पर बिहार कैडर के IPS डॉ. परेश सक्सेना का नाम है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। पुलिस सेवा के साथ उनकी चिकित्सा शिक्षा की पृष्ठभूमि भी उनके प्रोफाइल को अलग बनाती है।
आज की बैठक क्यों अहम?
ट्रस्ट की बैठक में CEO के चयन के अलावा राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए सुरक्षा समन्वय समिति बनाने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल होने की बात सामने आई है।
ऐसे में बैठक सिर्फ CEO के चयन के लिहाज से ही नहीं, बल्कि राम मंदिर के आगामी प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
5,585 आवेदनों से तीन नाम तक पहुंची रेस
राम मंदिर CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद चयन प्रक्रिया कई स्तरों से गुजरी। 5,585 आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद तीन नामों का अंतिम पैनल तैयार होना इस चयन प्रक्रिया की व्यापकता को दर्शाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन तीन दिग्गजों में से किसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की जिम्मेदारी मिलती है।
राजेश पांडेय का पुलिसिंग अनुभव, योगेश्वर राम मिश्रा का अयोध्या प्रशासन से सीधा जुड़ाव और डॉ. परेश सक्सेना का सुरक्षा एवं केंद्र में कार्य का अनुभव, तीनों प्रोफाइल अलग-अलग खूबियां रखते हैं। अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक के बाद ही तस्वीर साफ करेगा।