
जमशेदपुर : जमशेदपुर के व्यवसायी निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे जमीन विवाद के साथ आपराधिक गिरोहों के बीच विवाद का एंगल सामने आया है। गिरफ्तार आरोपितों में अशोक सिंह, रितेश सिंह, अंकित सिंह और सुनील रजक समेत छह लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपितों को डोबो इलाके से पकड़ा गया है।
जमशेदपुर के सीनियर एसपी डॉ. एहतेशाम बकारिब और सरायकेला एसपी मनोज स्वर्गियारी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में हत्याकांड से जुड़े कई अहम खुलासे किए। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
15 लाख की सुपारी का खुलासा
पुलिस जांच में हत्या के लिए करीब 15 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार अशोक राघव की भूमिका साजिश में अहम रही है और उसे हत्याकांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुपारी की रकम किसने दी, पैसे का लेन-देन कैसे हुआ और हत्या की पूरी साजिश किस स्तर पर तैयार की गई।
यूपी के शूटर ने चलाई गोली
पूछताछ में पुलिस को गोली चलाने वाले शूटर के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार रितेश सिंह ने बताया कि अंकित सिंह ने निखार पर गोली चलाई थी। अंकित के मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद अंकित रांची चला गया था। वहीं दूसरे शूटर की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
सुनील रजक चला रहा था वाहन
जांच में सुनील रजक की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान सुनील वाहन चला रहा था। हत्या के बाद आरोपितों के भागने और उनके बीच संपर्क को लेकर भी पूछताछ की जा रही है।
अखिलेश और गणेश सिंह गिरोह के विवाद का एंगल
पुलिस पूरे हत्याकांड को अखिलेश और गणेश सिंह गिरोह के बीच चल रहे विवाद के संदर्भ में भी जांच रही है। जमीन विवाद और आपराधिक गिरोहों की आपसी अदावत के बीच हत्या की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
छह आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर सुपारी की रकम, उसके लेन-देन, शूटरों की पूरी टीम और जमीन विवाद के मूल कारण पर है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश के पीछे असली सूत्रधार कौन था और 15 लाख रुपये की सुपारी आखिर किसने दी थी।