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शहरों की सूरत बदलने की तैयारी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सड़क, ड्रेनेज, ट्रैफिक, वेंडर मार्केट और अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को दिए अहम निर्देश।

रांची : राजधानी रांची समेत झारखंड के प्रमुख शहरों में जलजमाव, ट्रैफिक जाम, सड़क किनारे अव्यवस्थित बाजार, अतिक्रमण और अनियोजित रोड कट की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में शहरी विकास को लेकर अधिकारियों को नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब शहरी विकास टुकड़ों में नहीं, बल्कि एकीकृत तरीके से किया जाना चाहिए।

बिना ड्रेनेज नहीं बनेगी कोई सड़क

मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण को लेकर बड़ा निर्देश दिया है। अब सड़क निर्माण की योजना में ड्रेनेज सिस्टम को अनिवार्य हिस्सा बनाया जाएगा। उनका कहना है कि सड़क बनने के बाद जल निकासी की समस्या पैदा होने से लोगों को परेशानी होती है। इसलिए सड़क और ड्रेनेज की व्यवस्था को एक साथ विकसित किया जाए। इससे बारिश के दौरान जलजमाव और उससे पैदा होने वाली यातायात की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

खतरनाक रोड कट पर लगेगी रोक

शहरों में जगह-जगह अनावश्यक रोड कट यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे रोड कट को बंद करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चौक-चौराहों और निर्धारित स्थानों पर ही वाहनों के लिए सुरक्षित टर्निंग की व्यवस्था विकसित की जाए। इसके लिए संबंधित विभाग सड़क नेटवर्क और यातायात व्यवस्था का अध्ययन कर सुधार की योजना तैयार करेंगे।

हर वार्ड में बनेगा वेंडर मार्केट

सड़क किनारे ठेला-गुमटी और छोटे कारोबार के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। इसे देखते हुए हर वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे बाजारों में सड़क किनारे कारोबार करने वाले लोगों को व्यवस्थित और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि नई व्यवस्था से वेंडरों की आजीविका प्रभावित नहीं हो।

सरकारी जमीन पर कब्जे की होगी पहचान

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को चिह्नित कर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है। सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या दूर करने के साथ छोटे वेंडरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। इससे सड़कें अधिक खुली और व्यवस्थित दिखाई देंगी तथा आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

बसों के रूट और टाइमिंग का बनेगा डेटा

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बसों की संख्या, उनके रूट और समय-सारणी का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि किन रूटों पर बसों की कमी है और कहां यातायात का दबाव अधिक है। इसके आधार पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का उद्देश्य शहरों को सुनियोजित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। सड़क, ड्रेनेज, ट्रैफिक, वेंडर मार्केट और अतिक्रमण को एक साथ जोड़कर काम करने से आने वाले समय में झारखंड के प्रमुख शहरों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

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