टाटा स्टील बोनस: 304 करोड़ पर सहमति! 25,600 कर्मचारियों में बंटेगा पैसा, जानें किसे कितना मिलेग
जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच बोनस राशि को लेकर करीब 304 करोड़ रुपये पर सहमति बन गई है। गुरुवार सुबह 9:30 बजे से बोनस को लेकर वार्ता शुरू हुई, जिसमें तय फॉर्मूले के आधार पर राशि पर चर्चा की गई। समझौते के बाद कर्मचारियों को बोनस मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
25,600 कर्मचारियों में बांटी जाएगी राशि
मौजूदा गणना के अनुसार करीब 304 करोड़ रुपये की बोनस राशि 25,600 कर्मचारियों के बीच बांटी जाएगी। हालांकि, प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली रकम एक समान नहीं होगी। बोनस का निर्धारण कर्मचारी के बेसिक वेतन, डीए और तय बोनस फॉर्मूले के आधार पर किया जाएगा।
पिछले वर्ष करीब 25,906 कर्मचारी बोनस के दायरे में थे। इनमें जमशेदपुर प्लांट के 11,446 कर्मचारी शामिल थे। पिछले साल फॉर्मूला के तहत 272.83 करोड़ रुपये बोनस बना था। इसके बाद बेहतर प्रदर्शन के लिए एमडी की ओर से 30.30 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए थे। इस तरह कुल बोनस राशि करीब 303.13 करोड़ रुपये हो गई थी।
इस बार बोनस का पूरा गणित क्या है?
वर्तमान बोनस फॉर्मूले के तहत टाटा स्टील का मुनाफा करीब 11,035.24 करोड़ रुपये माना गया है। इसमें से 1.5 फीसदी राशि बोनस मद में जाती है। इसके अलावा सेफ्टी, प्रॉफिटेबिलिटी और प्रोडक्टिविटी जैसे मानकों का भी बोनस पर असर पड़ता है।
इन्हीं तमाम मानकों को जोड़ने के बाद इस बार बोनस की राशि करीब 304 करोड़ रुपये तक पहुंची है।
पिछले साल अधिकतम ₹3.92 लाख और न्यूनतम ₹39 हजार मिला था
पिछले बोनस समझौते में कर्मचारियों को अधिकतम 3,92,213 रुपये और न्यूनतम 39,004 रुपये बोनस मिला था। इस बार कुल राशि करीब 304 करोड़ रुपये होने से कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर है कि व्यक्तिगत स्तर पर बोनस की अधिकतम और न्यूनतम राशि कितनी रहती है।
वेज रिवीजन का एरियर इस बार नहीं, अगले बोनस में देगा फायदा
बोनस वार्ता में वेतन पुनरीक्षण के एरियर को लेकर भी महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की गई है। यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी ‘टुन्नू’ के अनुसार, कर्मचारियों का बोनस प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अर्जित बेसिक और डीए के आधार पर निर्धारित होता है।
वेज रिवीजन का एरियर वित्तीय वर्ष 2026-27 में अर्जित होगा। इसलिए एरियर से बढ़ने वाली बेसिक और डीए राशि का प्रभाव अगले वित्तीय वर्ष के बोनस में दिखाई देगा। यानी मौजूदा बोनस में इसका पूरा लाभ नहीं मिलेगा।
टिनप्लेट से माइंस तक अन्य कंपनियों में भी बोनस
टाटा स्टील के बाद टिनप्लेट, तार कंपनी, टीजीएस, टाटा स्टील गम्हरिया, माइंस और कोलियरी के कर्मचारियों के बोनस समझौते भी होने हैं। जानकारी के अनुसार सबसे पहले टाटा स्टील का बोनस समझौता होगा, जिसके बाद अन्य कंपनियों में बोनस वार्ता आगे बढ़ेगी।
अब कर्मचारियों की सबसे बड़ी नजर अंतिम समझौते, व्यक्तिगत बोनस की गणना और भुगतान की तारीख पर है। करीब 304 करोड़ रुपये की राशि और 25,600 कर्मचारियों के बीच होने वाले वितरण ने इस बोनस समझौते को खासा महत्वपूर्ण बना दिया है।
एक नजर में
- कुल बोनस राशि: करीब ₹304 करोड़
- बोनस पाने वाले कर्मचारी: करीब 25,600
- पिछले साल कुल बोनस: करीब ₹303.13 करोड़
- पिछले साल अधिकतम बोनस: ₹3,92,213
- पिछले साल न्यूनतम बोनस: ₹39,004
- जमशेदपुर प्लांट के पिछले साल कर्मचारी: 11,446
- वेज रिवीजन एरियर का प्रभाव: अगले बोनस में दिखाई देगा