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झारखंड भाजपा का संगठन तैयार, अब संगठन प्रभारी के नाम पर नजर; रेस में सुनील बंसल और हरीश द्विवेदी - aksharsamvad.com
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झारखंड भाजपा के नए संगठन प्रभारी की रेस में सुनील बंसल और हरीश द्विवेदी के नाम चर्चा में, केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी नजर।

रांची : झारखंड भाजपा ने अपनी प्रदेश टीम पूरी कर ली है। मोर्चा और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की जिम्मेदारी तय होने के बाद अब पार्टी में सबसे ज्यादा चर्चा संगठन प्रभारी के नाम को लेकर है। केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही झारखंड के लिए नए संगठन प्रभारी के नाम का ऐलान कर सकता है।

प्रदेश टीम के बाद अब संगठन प्रभारी की बारी

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में प्रदेश संगठन की टीम पूरी होने के बाद अब केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अगला महत्वपूर्ण फैसला लिया जाना है। पार्टी की राष्ट्रीय टीम भी हाल ही में घोषित हुई है।

संगठनात्मक व्यवस्था के तहत किसी राष्ट्रीय महासचिव को झारखंड के संगठन का पालक अधिकारी बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में पार्टी के भीतर संभावित नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

सुनील बंसल और हरीश द्विवेदी के नाम चर्चा में

संगठन प्रभारी के लिए सुनील बंसल और हरीश द्विवेदी के नाम प्रमुखता से चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक केंद्रीय नेतृत्व की ओर से किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

सुनील बंसल को संगठन के स्तर पर लंबा अनुभव है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की संगठनात्मक रणनीति में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया था। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के चयन के दौरान भी उनका नाम चर्चा में रहा था।

वहीं, हरीश द्विवेदी भी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का अनुभव रखने वाले नेता हैं। केंद्रीय नेतृत्व इन नामों के अलावा किसी अन्य अनुभवी नेता को भी झारखंड भेज सकता है।

सितंबर में हो सकता है फैसला

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, झारखंड भाजपा के साथ काम करने के लिए किसी अनुभवी नेता को सितंबर में ही जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। संगठन प्रभारी की नियुक्ति के बाद राज्य में पार्टी की आगामी राजनीतिक और चुनावी रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

तीन साल में जीत की रणनीति होगी चुनौती

झारखंड में अगले विधानसभा चुनाव को अभी करीब तीन साल का समय है। ऐसे में नए संगठन प्रभारी के सामने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में चुनावी आत्मविश्वास पैदा करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

भाजपा पिछले दो विधानसभा चुनावों से राज्य की सत्ता से बाहर है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व ऐसे नेता को जिम्मेदारी देना चाहेगा, जिसके पास संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने का पर्याप्त अनुभव हो।

अब नजर इस बात पर टिकी है कि झारखंड भाजपा के संगठन की कमान मजबूत करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व किस नाम पर मुहर लगाता है। सुनील बंसल और हरीश द्विवेदी के नामों की चर्चा के बीच अंतिम फैसला सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

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