ताजा खबर
जमशेदपुर में राजनीति बनाम अपराध का मुद्दा गरमाया, सरयू राय ने फेसबुक लाइव में खोले कई राजदिल्ली में सजेगा कूटनीति का सबसे बड़ा मंच! BRICS समिट में जुटेंगे मोदी-पुतिन-जिनपिंग, दुनिया की नजर भारत परदेशभर के डाकघरों में सर्वर डाउन! दोपहर 12:30 बजे से बुकिंग ठप, पार्सल-स्पीड पोस्ट का काम प्रभावित 10 साल का इंतजार खत्म! अब 2 घंटे में मुंबई से अहमदाबाद, 350 Kmph की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेनधनबाद के अस्पताल में बिजली संकट बना जानलेवा? 48 घंटे में दूसरी मौत, वेंटिलेटर बंद होने पर उठे सवालरांची में वोटर लिस्ट से 34 नाम हटाने की कथित कोशिश, फॉर्म-7 को लेकर मचा बवालदिल्ली की फैक्ट्री में युवती से दुष्कर्म का आरोप, 66 वर्षीय ठेकेदार गिरफ्तार, वायरल वीडियो की जांच तेजडेंजर जोन में जाने पर रोक फिर भी नदी में उतरे, आसंगी चेकडैम में दो युवक तेज बहाव में बहे; तलाश जारी‘दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का…’ टीम इंडिया चयन पर शिखर धवन का बड़ा बयान, बोले- खेल ही बनाता है पहचानपूर्वी सिंहभूम में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा कायाकल्प, 60 स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे ‘मॉडर्न सेंटर’जमशेदपुर में राजनीति बनाम अपराध का मुद्दा गरमाया, सरयू राय ने फेसबुक लाइव में खोले कई राजदिल्ली में सजेगा कूटनीति का सबसे बड़ा मंच! BRICS समिट में जुटेंगे मोदी-पुतिन-जिनपिंग, दुनिया की नजर भारत परदेशभर के डाकघरों में सर्वर डाउन! दोपहर 12:30 बजे से बुकिंग ठप, पार्सल-स्पीड पोस्ट का काम प्रभावित 10 साल का इंतजार खत्म! अब 2 घंटे में मुंबई से अहमदाबाद, 350 Kmph की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेनधनबाद के अस्पताल में बिजली संकट बना जानलेवा? 48 घंटे में दूसरी मौत, वेंटिलेटर बंद होने पर उठे सवालरांची में वोटर लिस्ट से 34 नाम हटाने की कथित कोशिश, फॉर्म-7 को लेकर मचा बवालदिल्ली की फैक्ट्री में युवती से दुष्कर्म का आरोप, 66 वर्षीय ठेकेदार गिरफ्तार, वायरल वीडियो की जांच तेजडेंजर जोन में जाने पर रोक फिर भी नदी में उतरे, आसंगी चेकडैम में दो युवक तेज बहाव में बहे; तलाश जारी‘दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का…’ टीम इंडिया चयन पर शिखर धवन का बड़ा बयान, बोले- खेल ही बनाता है पहचानपूर्वी सिंहभूम में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा कायाकल्प, 60 स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे ‘मॉडर्न सेंटर’
दिल्ली में सजेगा कूटनीति का सबसे बड़ा मंच! BRICS समिट में जुटेंगे मोदी-पुतिन-जिनपिंग, दुनिया की नजर भारत पर - aksharsamvad.com
Spread the love

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली अगले कुछ दिनों में दुनिया की बड़ी कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है। भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 2026 में संगठन के गठन के 20 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।

सम्मेलन में BRICS के सदस्य देशों के नेताओं के साथ पार्टनर देशों और Outreach Invitees की भागीदारी होगी। भारत की इस साल की अध्यक्षता का थीम Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability  रखा गया है।

पुतिन-जिनपिंग पर टिकी दुनिया की नजर

सम्मेलन को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मौजूदगी को लेकर है। जिनपिंग के भारत आने की संभावना को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह 2019 के बाद उनका संभावित भारत दौरा होगा।

ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पुतिन और जिनपिंग की एक मंच पर मौजूदगी वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम हो सकती है। खासकर भारत-चीन संबंधों में सीमा विवाद के बाद हाल के वर्षों में आए बदलावों के बीच इस मुलाकात पर दुनिया की नजर रहेगी।

गुटेरेस भी पहुंचेंगे दिल्ली

BRICS सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस के भी शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है। उनका शामिल होना सम्मेलन को अतिरिक्त कूटनीतिक महत्व देता है।

गुटेरेस की मौजूदगी में वैश्विक शांति, बहुपक्षीय सहयोग और विकास से जुड़े मुद्दों पर BRICS देशों के रुख को भी प्रमुखता मिल सकती है।

20 साल का हुआ BRICS, अब भारत के हाथ में कमान

BRICS की नींव 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने रखी थी। दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद समूह का विस्तार हुआ और इसका नाम BRICS पड़ा। 2026 में संगठन अपने 20 वर्ष पूरे कर रहा है। भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में BRICS की अध्यक्षता कर चुका है।

सिर्फ बैठक नहीं, बड़े फैसलों की उम्मीद

भारत की अध्यक्षता में पूरे साल 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब शिखर सम्मेलन में इन्हीं चर्चाओं को राजनीतिक नेतृत्व के स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी है।

BRICS में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इंडोनेशिया समेत विस्तारित सदस्यता वाले देश शामिल हैं।
ऐसे में दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका दिखाने वाला बड़ा मंच बनने जा रहा है।

error: Content is protected !!
Exit mobile version