
जमशेदपुर : जमशेदपुर एफसी (JFC) के इंडियन सुपर लीग (ISL) से बाहर होने के बाद टाटा स्टील ने अब फुटबॉल में अपना फोकस एक नए और बड़े क्षेत्र की ओर मोड़ने की तैयारी कर ली है। कंपनी जमशेदपुर में महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय आवासीय अकादमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह पहल भारतीय महिला फुटबॉल को जमीनी स्तर से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
टाटा फुटबॉल अकादमी की तर्ज पर तैयार होंगी महिला खिलाड़ी
प्रस्तावित अकादमी का मॉडल टाटा फुटबॉल अकादमी (TFA) की तर्ज पर होगा। यहां ग्रासरूट से लेकर एलीट स्तर तक प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों को एक ही छत के नीचे आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
TFA ने दशकों में देश को 140 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर दिए हैं। अब उसी अनुभव और ढांचे का इस्तेमाल महिला फुटबॉल प्रतिभाओं को तैयार करने में किया जाएगा।
महिला फुटबॉल को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
भारत की अंडर-17, अंडर-20 और सीनियर महिला टीमों ने हाल के वर्षों में एशियाई स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद प्रतिभाओं को लंबे समय तक उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थायी ढांचे की कमी रही है।
टाटा स्टील की प्रस्तावित अकादमी इसी कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। देशभर से चुनी गई प्रतिभाओं को यहां आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मुहैया कराने की योजना है।
ग्रासरूट विकास पर रहेगा पूरा जोर
टाटा स्टील का फोकस केवल पेशेवर टीम तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी फुटबॉल सहित अन्य खेलों के बुनियादी और जमीनी विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के साथ बातचीत और इंडियन विमेंस लीग (IWL) में पेशेवर महिला टीम उतारने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई है। हालांकि, महिला टीम को लेकर अंतिम फैसला और आधिकारिक घोषणा आवश्यक मंजूरियों के बाद ही होने की बात सामने आई है।
TFA के बाद महिला फुटबॉल के लिए नई कहानी लिखने की तैयारी
टाटा स्टील की यह पहल सफल होती है तो जमशेदपुर देश में महिला फुटबॉल प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। लंबे समय से पुरुष फुटबॉल में पहचान बनाने वाले जमशेदपुर में अब महिला खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने की नींव रखी जा रही है।
पूर्व फुटबॉल कोच जगन्नाथ बेहरा के अनुसार, महिलाओं के लिए विश्वस्तरीय आवासीय फुटबॉल अकादमी बनाना टाटा स्टील की अच्छी पहल है और आने वाले दिनों में इसके बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।