
देवघर : जिले के युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की प्रबंधकीय समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना सबसे खास मानी जा रही है।
युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की तैयारी
जिला प्रशासन देवघर में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” स्थापित करेगा। यहां युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसी आधुनिक तकनीकों का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करना और उन्हें तेजी से बदलते डिजिटल रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है। केंद्र खुलने के बाद विद्यार्थियों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जिले में ही नई तकनीक सीखने का अवसर मिल सकेगा।
48 स्कूलों में सुधरेंगी बुनियादी सुविधाएं
बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए खनन प्रभावित क्षेत्रों के 48 विद्यालयों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त आवश्यकतानुसार नए शौचालयों के निर्माण तथा पुराने शौचालयों की मरम्मत को भी स्वीकृति दी गई। इन कार्यों से विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होने की उम्मीद है।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को मिलेंगे आधुनिक उपकरण
सारठ, पालोजोरी और करौं प्रखंड के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इन प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों तथा देवघर सदर अस्पताल में मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इससे नवजात शिशुओं और माताओं से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की संभावना है।
पुरानी योजनाओं की हुई समीक्षा
उपायुक्त ने पूर्व में स्वीकृत विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा कार्यपालक अभियंताओं को शेष कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया गया।
राजस्व वसूली पर अधिकारियों को सख्त निर्देश
बैठक में डीएमएफटी से जुड़े राजस्व संग्रह की स्थिति भी जांची गई। उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता तथा डीएमएफटी की टीम उपस्थित रही।