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जेलेंस्की पर मंडराया बड़ा खतरा! उड़ान भरते ही विमान के पास पहुंचा ड्रोन, बाल-बाल बचे यूक्रेनी राष्ट्रपति - aksharsamvad.com
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नई दिल्ली : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की उस समय बाल-बाल बच गए, जब नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद मोल्दोवा से उड़ान भरते उनका विमान एक ड्रोन की चपेट में आने से लगभग बच गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने बुधवार को इस घटना की जानकारी दी।

मोल्दोवा से उड़ान भरते समय सामने आया खतरा

स्टोरे के मुताबिक, जेलेंस्की अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ओस्लो जा रहे थे। उनका विमान मोल्दोवा से उड़ान भर रहा था, तभी वह एक ड्रोन की चपेट में आने के बेहद करीब पहुंच गया।

नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना बताती है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जिस सुरक्षा खतरे का सामना कर रहे हैं, वह कितना गंभीर है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ड्रोन जेलेंस्की के विमान से कितनी दूरी पर था या उन्हें घटना की जानकारी किस स्रोत से मिली।

जेलेंस्की ने किंग हेराल्ड को दी अंतिम विदाई

यूक्रेनी राष्ट्रपति बुधवार को नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने मध्य ओस्लो में अन्य राष्ट्राध्यक्षों के साथ किंग को अंतिम श्रद्धांजलि दी।

अंतिम संस्कार समाप्त होने के तुरंत बाद जेलेंस्की नॉर्वे से रवाना हो गए। इसी दौरान उनके विमान को लेकर ड्रोन घटना की जानकारी सामने आई।

ब्रिटिश नागरिक पर रूसी खुफिया एजेंसी की मदद का आरोप

इस बीच ब्रिटेन में एक अलग मामले ने भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रिटिश अभियोजकों ने एक नागरिक पर रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़े एक समूह के संपर्क में रहने का आरोप लगाया है।

क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के अनुसार, 31 वर्षीय जोशुआ कैमिज को कथित तौर पर जीआरयू वॉलंटियर कोर के एक प्रतिनिधि से बातचीत करने और उनसे निर्देश लेने का आरोप है। अधिकारियों के मुताबिक यह समूह रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी के नियंत्रण में है।

यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी सुरक्षा चिंता

जेलेंस्की के विमान के पास ड्रोन पहुंचने की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ड्रोन हमले लगातार सुरक्षा की बड़ी चुनौती बने हुए हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि विमान के पास पहुंचा ड्रोन किसका था और उसका लक्ष्य क्या था।

नॉर्वे के प्रधानमंत्री के दावे के बाद घटना को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल मामले से जुड़े अधिकारियों की ओर से अधिक विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।

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