नई दिल्ली : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। राजधानी में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। पुतिन की भारत यात्रा के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
पुतिन का दिल्ली पहुंचने पर भव्य स्वागत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति का स्वागत किया। दिल्ली एयरपोर्ट पर राज्य मंत्री और गौंडा सांसद कीर्ति सिंह ने पुतिन का स्वागत किया। भारत और रूस के संबंधों को लंबे समय से बहुआयामी और विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित बताया जाता रहा है।
तीन दिन तक दिल्ली में कड़ा सुरक्षा घेरा
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान राजधानी के कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हो सकती है। केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिनके पास संबंधित क्षेत्र में स्थायी आवास या अधिकृत कार्य होने का प्रमाण होगा।
प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिविजन के विशेष आयुक्त मनीष अग्रवाल के अनुसार, सम्मेलन की सुरक्षा का जिम्मा 17 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों को सौंपा गया है। इनमें करीब 15 हजार पुलिसकर्मी और दो हजार से अधिक अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल हैं।
विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर सुरक्षा का घेरा
मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम के अलावा प्रमुख होटल, एयरपोर्ट और विदेशी मेहमानों की आवाजाही वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। अलग-अलग स्थानों पर डीसीपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है।
विदेशी सुरक्षा एजेंसियों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट पहुंचने से लेकर उनके ठहरने और कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने के दौरान विशेष निगरानी रहेगी।
ड्रोन पर पूरी तरह रोक, इमरजेंसी टीम रहेगी तैयार
शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित इलाकों में ड्रोन और किसी भी तरह के अनधिकृत फ्लाइंग ऑब्जेक्ट पर पूरी तरह रोक रहेगी। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष इमरजेंसी रिस्पांस टीमें भी तैनात रहेंगी।
वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कमांड एंड कंट्रोल रूम से कैमरों और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वीवीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर थोड़े समय के लिए ट्रैफिक रोका या डायवर्ट किया जा सकता है।
बॉर्डर से लेकर प्रमुख एंट्री प्वाइंट तक निगरानी
ब्रिक्स समिट के मद्देनजर दिल्ली-हरियाणा और दिल्ली-उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख बॉर्डर पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। पश्चिमी, बाहरी, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है।
सिंघु और औचंदी बॉर्डर पर भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। टिकरी बॉर्डर पर वाहनों और यात्रियों की जांच जारी है। प्रमुख एंट्री प्वाइंट पर विशेष नाकाबंदी की तैयारी की गई है।
पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर, चिल्ला, अप्सरा और भोपुरा बॉर्डर पर भी पुलिस बल तैनात है। बदरपुर और कालिंदी कुंज में सामान्य आवाजाही जारी रहने के बावजूद प्रमुख प्रवेश मार्गों पर विशेष नाकाबंदी की जा सकती है।
आम लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी अहम
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी, हालांकि सुरक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट के कारण कुछ स्टेशनों पर निकास को लेकर अस्थायी प्रतिबंध या दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। यात्रियों को इसकी जानकारी मेट्रो के भीतर दी जाएगी।
आज पुतिन-मोदी की मुलाकात पर भी खास नजर रहेगी, क्योंकि रूस-भारत संबंधों के साथ-साथ रक्षा और रणनीतिक सहयोग के मुद्दे इस द्विपक्षीय वार्ता के प्रमुख केंद्र में रहने की संभावना है।



