जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। IRCTC के संविदा कर्मचारी उज्जवल कुमार उपाध्याय ने टाटानगर एरिया कार्यालय के कुछ कर्मचारियों पर यात्रियों को बिना टिकट ट्रेन में सफर कराने और उनके एवज में कथित तौर पर अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाया है। कर्मचारी ने इस संबंध में कोलकाता स्थित विभागीय मानव संसाधन (HR) अधिकारी को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुष्पोत्तम से शिरडी साईं तक, कई ट्रेनों का जिक्र
शिकायत में पुष्पोत्तम एक्सप्रेस, जालियांवाला बाग एक्सप्रेस, शिरडी साईं एक्सप्रेस, गीतांजलि एक्सप्रेस और स्टील एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों से पैसे लेकर बिना टिकट सफर कराने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस कथित व्यवस्था में बाहरी लोगों और वेंडरों का भी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
‘बाहर के लोगों’ को ट्रेन में भेजने का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि एरिया कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बाहरी व्यक्तियों और वेंडरों को ट्रेनों में भेजा जाता है। आरोप है कि ये लोग यात्रियों से पैसे लेते हैं और उन्हें बिना वैध टिकट यात्रा कराते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
WhatsApp चैट और वीडियो को बनाया आधार
मामले में शिकायतकर्ता ने WhatsApp चैट, वीडियो और ड्यूटी रिकॉर्ड को डिजिटल साक्ष्य के तौर पर पेश किए जाने का दावा किया है। शिकायत में इन सभी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके।
विरोध करने पर दबाव और धमकी का भी आरोप
उज्जवल कुमार उपाध्याय ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि कथित व्यवस्था का विरोध करने वाले संविदा कर्मचारियों पर दबाव बनाया जाता है। उन्हें नौकरी से हटाने या नुकसान पहुंचाने की धमकी दिए जाने का भी दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता ने जांच पूरी होने तक शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रेलवे प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बिना टिकट यात्रा और कथित अवैध वसूली के आरोपों में कितनी सच्चाई है। अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो मामला रेलवे की कार्यप्रणाली और यात्रियों की सुरक्षा व टिकटिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।



