
नई दिल्ली : मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों ग्राहकों को आने वाले महीनों में महंगे रिचार्ज का सामना करना पड़ सकता है। उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियां अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान की कीमतों में करीब 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने पर विचार कर सकती हैं। हालांकि, कंपनियों की ओर से अभी नई दरों या बढ़ोतरी की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
5G विस्तार के लिए चाहिए अतिरिक्त पूंजी
दूरसंचार कंपनियां देशभर में 5G नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं। इसके लिए मोबाइल टावर, स्पेक्ट्रम, फाइबर नेटवर्क, डेटा सेंटर और दूसरी तकनीकी सुविधाओं पर बड़ी राशि खर्च करनी पड़ रही है। कंपनियां नेटवर्क की गुणवत्ता सुधारने और नए क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार निवेश कर रही हैं। माना जा रहा है कि इन बढ़ते खर्चों की भरपाई के लिए रिचार्ज प्लान की कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं।
प्रति ग्राहक कमाई बढ़ाने पर कंपनियों का जोर
टेलीकॉम क्षेत्र में कंपनियों की कमाई मापने के लिए प्रति ग्राहक औसत राजस्व यानी ARPU को महत्वपूर्ण माना जाता है। कंपनियां इसे बढ़ाकर अपने कारोबार और बैलेंस शीट को मजबूत करना चाहती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय मोबाइल सेवाओं की दरें कई देशों की तुलना में अब भी कम हैं, जबकि नेटवर्क तैयार करने और उसके रखरखाव का खर्च काफी अधिक है। इसी कारण कंपनियां ग्राहकों को बड़े डेटा पैक, लंबी वैधता और अतिरिक्त डिजिटल सुविधाओं वाले प्लान की ओर आकर्षित कर सकती हैं। इसके साथ ही कम कीमत वाले कुछ एंट्री-लेवल प्लान में बदलाव या उन्हें धीरे-धीरे सीमित किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
पहले भी कई बार महंगे हुए हैं प्लान
दूरसंचार कंपनियां इससे पहले भी अलग-अलग समय पर टैरिफ में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। दिसंबर 2019 में कई प्लान की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ था। इसके बाद दिसंबर 2021 में भी कुछ एंट्री-लेवल प्लान महंगे किए गए थे। जून 2024 के दौरान प्रमुख कंपनियों ने अनेक रिचार्ज प्लान की दरें लगभग 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाई थीं। अब एक बार फिर कीमत बढ़ने की चर्चा ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है, तो सामान्य मासिक रिचार्ज पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उन परिवारों पर पड़ेगा, जिनमें एक से अधिक मोबाइल कनेक्शन हैं।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल 10 से 20 प्रतिशत बढ़ोतरी केवल रिपोर्टों और विश्लेषकों के अनुमान पर आधारित संभावना है। ग्राहकों को किसी भी वायरल संदेश पर भरोसा करने के बजाय संबंधित दूरसंचार कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर प्लान की वास्तविक कीमत जांचनी चाहिए।