
जमशेदपुर : छोटा गम्हरिया पंचायत के वाल्मीकि नगर स्थित वार्ड संख्या-10 की सड़क समस्या अब पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरायकेला विधायक चंपई सोरेन तक पहुंच गई है। रोड संख्या-02 में सड़क और नाली के निर्माण की मांग को लेकर दूरदर्शन संवाददाता अनूप मिश्रा ने बुधवार को चंपई सोरेन से मुलाकात की और उन्हें लिखित आवेदन सौंपा। विधायक ने आवेदन स्वीकार करते हुए सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
700 मीटर सड़क से जुड़े करीब 100 लोगों के हित
आवेदन में लगभग 700 मीटर लंबी और 16 फीट चौड़ी सड़क के निर्माण की मांग की गई है। अनूप मिश्रा के अनुसार, इस गली में उनके परिवार सहित करीब 20 परिवार रहते हैं और मोहल्ले की आबादी लगभग 100 है। इनमें नवजात बच्चों से लेकर करीब 96 वर्ष की आयु तक के बुजुर्ग शामिल हैं। लंबे समय से पक्की सड़क नहीं होने के कारण सभी लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही कच्ची सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। जगह-जगह जलजमाव, कीचड़ एवं फिसलन पैदा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। फिसलन के कारण कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।मोहल्लेवासियों ने अपने स्तर से रास्ते के गड्ढों को भरने का प्रयास किया है। इसके लिए कंपनी से निकलने वाले अवशेषों और अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर अस्थायी व्यवस्था बनाई गई, लेकिन बारिश होते ही स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। लोगों का मानना है कि पक्की सड़क के साथ नाली का निर्माण ही इस परेशानी का स्थायी समाधान हो सकता है।
वर्ष 2020 में भी दिया गया था आवेदन
अनूप मिश्रा ने बताया कि इस समस्या को लेकर 11 अगस्त 2020 को तत्कालीन उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां को भी लिखित आवेदन दिया गया था। उस आवेदन से संबंधित ज्ञापन संख्या 226/वि०, सरायकेला, दिनांक 5 सितंबर 2020 है। इसके बावजूद बीते छह वर्षों में निर्माण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। पुराने आवेदन की छायाप्रति भी नए प्रार्थना पत्र के साथ विधायक को सौंपी गई है।
आश्वासन के बाद जगी उम्मीद
चंपई सोरेन से मिले आश्वासन के बाद वाल्मीकि नगर के लोगों में एक बार फिर उम्मीद जगी है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि सड़क और नाली बन जाने से बरसात में होने वाली परेशानी दूर होगी तथा बच्चों, बुजुर्गों और अन्य निवासियों का आवागमन सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगा।