
जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन को आधुनिक रेल सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। रेलवे बोर्ड ने टाटानगर में ₹383.78 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण को अंतिम मंजूरी दे दी है। इससे टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव और परिचालन क्षमता के विस्तार का रास्ता साफ हुआ है।
लोको कॉलोनी में तैयार होगा हाईटेक मेंटेनेंस यार्ड
स्वीकृत योजना के तहत टाटानगर के पुराने कोचिंग डिपो का विस्तार करते हुए लोको कॉलोनी क्षेत्र में नया मेंटेनेंस यार्ड विकसित किया जाएगा। डिपो में वंदे भारत चेयरकार और स्लीपर ट्रेनों के तकनीकी परीक्षण, नियमित रखरखाव और त्वरित वॉशिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
सांसद ने रेल मंत्री से की थी कई दौर की मुलाकात
टाटानगर में वंदे भारत डिपो की स्थापना के लिए सांसद बिद्युत बरण महतो लंबे समय से प्रयासरत थे। हाल में संपन्न संसद सत्र के दौरान उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों से करीब चार बार मुलाकात कर परियोजना को मंजूरी देने का आग्रह किया था। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल की ओर से भेजे गए तकनीकी प्रस्ताव की समीक्षा के बाद रेलवे बोर्ड ने परियोजना को अंतिम स्वीकृति प्रदान की।
नई वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन की बढ़ेंगी संभावनाएं
फिलहाल टाटानगर से पटना और ब्रह्मपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन हो रहा है। नया मेंटेनेंस डिपो बनने से टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव की सुविधा मजबूत होगी। इससे भविष्य में यहां से नई वंदे भारत सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं को आधार मिल सकता है। हालांकि नए मार्गों पर ट्रेन चलाने का अंतिम निर्णय रेलवे की ओर से लिया जाएगा।
चार नए प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के सामने
टाटानगर स्टेशन पर बढ़ते परिचालन दबाव को कम करने के लिए सांसद ने गति शक्ति योजना के तहत करीब ₹482 करोड़ की लागत से चार अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और लूप लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा है। इसके स्वीकृत होने पर स्टेशन की ट्रेन संचालन क्षमता में और विस्तार हो सकता है।
रेलवे निवेश से बढ़ेंगे विकास और रोजगार के अवसर
वंदे भारत डिपो के निर्माण से चक्रधरपुर रेल मंडल में तकनीकी और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। परियोजना के निर्माण और भविष्य के संचालन से जुड़े कार्यों में स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
सांसद बिद्युत बरण महतो ने परियोजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम के प्रति आभार जताया।