पलामू : लेस्लीगंज के बसौरा स्थित पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज में गुरुवार को मेस के भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर छात्राओं का आक्रोश सामने आया। खराब खाना परोसे जाने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों छात्राएं कॉलेज गेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गईं। छात्राओं के समर्थन में छात्र भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हो गए।
भोजन में कीड़े-कंकड़ मिलने का आरोप
छात्र-छात्राओं का आरोप है कि मेस में कई बार भोजन के अंदर कीड़े, कंकड़ और सीसा मिलने की शिकायत सामने आई है। उनका कहना है कि थाली की साफ-सफाई पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज में पीने के लिए पर्याप्त साफ पानी उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में उन्हें बाजार से पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है।
छात्राओं के आंदोलन के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय
भूख हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने कॉलेज में मेडिकल टीम भेजने के साथ लेस्लीगंज बीडीओ सह सीओ जागो महतो, सदर एसडीओ संजय तिवारी और फूड सेफ्टी विभाग की टीम को कॉलेज भेजा।
प्रशासन की टीम को छात्र-छात्राओं की समस्याओं की जांच कर उचित समाधान का निर्देश दिया गया।
फूड सेफ्टी टीम ने लिए भोजन के सैंपल
सदर एसडीओ संजय तिवारी की देखरेख में फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने कॉलेज के दोनों मेस में पहुंचकर बन रहे भोजन और खाद्य सामग्री की जांच की। जांच के दौरान कुछ सामानों के नमूने लैब में जांच के लिए लिए गए। इन नमूनों को लिफाफे में पैक कर सील किया गया है।
अब लैब जांच की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
आश्वासन के बाद देर रात खत्म हुई भूख हड़ताल
छात्र-छात्राएं मेस संचालक को हटाने की मांग पर देर रात तक डटे रहे। बाद में सदर एसडीओ संजय तिवारी, लेस्लीगंज बीडीओ जागो महतो और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय सिंह ने छात्रों से बातचीत की।
प्रशासन की ओर से हर सप्ताह मेस का निरीक्षण करने और योग्य नए मेस संचालक की व्यवस्था करने समेत छात्र-छात्राओं की मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद देर रात छात्र-छात्राओं ने भूख हड़ताल समाप्त की और अपने हॉस्टल लौट गए।
फिलहाल खाद्य सामग्री के लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद मेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




