
नई दिल्ली : एशियन गेम्स-2026 के शुरुआती दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में उत्साहजनक प्रदर्शन किया। महिला हॉकी और महिला टेबल टेनिस टीम ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, जबकि निशानेबाजी में भी भारत के लिए पदक की उम्मीद मजबूत हुई। हालांकि ताइक्वांडो में किम्सी डिसूजा को हार का सामना करना पड़ा। प्रतियोगिता के पहले दिन क्रिकेट, हॉकी, निशानेबाजी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो और वुशु में भारतीय खिलाड़ियों ने चुनौती पेश की।
महिला हॉकी टीम ने उज्बेकिस्तान को हराया
भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने शुरुआती मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए उज्बेकिस्तान को 1-0 से पराजित किया। मैच में भारतीय टीम ने अधिकांश समय गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। भारत की जीत में दीपिका की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने निर्णायक गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, जिसे भारतीय खिलाड़ियों ने अंतिम समय तक कायम रखा।
टेबल टेनिस में इंडोनेशिया पर 3-0 की जीत
महिला टेबल टेनिस टीम ने भी अपने अभियान का प्रभावशाली आगाज किया। भारत ने इंडोनेशिया को 3-0 से मात दी। श्रीजा अकुला ने पहला मुकाबला 11-3, 8-11, 11-4 और 11-4 से अपने नाम किया। इसके बाद दिया चितले ने सीधे गेम में 11-9, 11-8 और 11-5 से जीत दर्ज की। तीसरे मुकाबले में यशस्विनी घोरपड़े ने चित्रा रशिम को 12-10, 11-4 और 11-4 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।
निशानेबाजी में पदक के करीब भारत
महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सोनम मस्कर, विदर्शी के. विनोद और इलावेनिल वालारिवन ने भारत की उम्मीदें बढ़ाईं। खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन और टीम फाइनल में चुनौती पेश की। इसके अतिरिक्त पुरुषों और महिलाओं की अन्य निशानेबाजी स्पर्धाओं में भी भारतीय निशानेबाजों पर सबकी निगाहें रहीं।
ताइक्वांडो में डिसूजा का सफर थमा
ताइक्वांडो खिलाड़ी किम्सी डिसूजा पदक हासिल नहीं कर सकीं। चोट और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद प्रतियोगिता में उतरीं डिसूजा को वियतनाम की खिलाड़ी के खिलाफ 9-12 और 6-12 से हार झेलनी पड़ी। हालांकि बड़े मंच पर उनकी वापसी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्रिकेट और वुशु से भी उम्मीद
महिला क्रिकेट सेमीफाइनल में भारत का सामना बांग्लादेश से होना है। पुरुष और महिला टेबल टेनिस टीमों के साथ हॉकी टीम भी अगले मुकाबलों के लिए तैयार है। वुशु में सूरज सिंह मयंगलामबम, अर्पण और विक्रांत बालियान भारतीय चुनौती पेश करेंगे। शुरुआती सफलताओं ने भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ाया है और आने वाले मुकाबलों में देश को बेहतर परिणामों की उम्मीद है।