
पटना : बिहार में महिलाओं को रोजगार, उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के अनुसार जीविका सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। सिलाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन समेत कई क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार रोजगार के अवसरों का दायरा और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
हर साल 1000 छात्राओं को मिलेगी ₹10 हजार मासिक फेलोशिप
उच्च शिक्षा और शोध में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बालिका पीएचडी फेलोशिप की घोषणा की गई है। इसके तहत हर साल 1000 छात्राओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह सहायता पीएचडी की पढ़ाई के दौरान चार वर्षों तक दिए जाने की योजना से जुड़ी है।
महिलाओं के लिए अलग विश्वविद्यालय की तैयारी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार में महिलाओं के लिए अलग विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने का लक्ष्य है।
महिला आयोग को सरकार को नियमित सुझाव देने की अपील
बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने आयोग से केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित न रहने और महिलाओं की स्थिति बेहतर बनाने के लिए सरकार को नियमित सुझाव देने को कहा। कार्यक्रम में आयोग की 25 वर्षों की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई और विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया।
रोजगार के साथ शिक्षा और सुरक्षा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने छात्राओं की शिक्षा के लिए मैट्रिक, इंटर और स्नातक स्तर पर चल रही प्रोत्साहन योजनाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थियों को दी जा रही सहायता का उल्लेख किया। महिला सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की बात भी कही गई।