
नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी से जुड़े कथित सिंडिकेट के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई अब अगले कानूनी चरण में पहुंच गई है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शाहबाज अंसारी और उससे जुड़े सात अन्य लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। पुलिस का आरोप है कि यह समूह कई देशों तक फैले अवैध हथियार नेटवर्क से जुड़ा था। आरोपों की पुष्टि अदालत की सुनवाई में होनी बाकी है।
अगस्त में दाखिल हुआ था आरोपपत्र
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 26 अगस्त को पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में आठ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अब अभियोजन की मंजूरी मिलने के बाद UAPA से जुड़े आरोपों पर अदालती कार्यवाही आगे बढ़ सकेगी। इस मामले में पुलिस के जुटाए साक्ष्य और आरोपियों का पक्ष अदालत के सामने परखा जाएगा। अंसारी के बारे में पुलिस का कहना है कि वह फिलहाल बांग्लादेश में छिपा है और उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। हालांकि, उसके ठिकाने और कथित भूमिका से जुड़े दावों को भी कानूनी प्रक्रिया में स्थापित करना होगा।
मई की कार्रवाई से सामने आया नेटवर्क
क्राइम ब्रांच ने मई में इस कथित नेटवर्क का खुलासा किया था। जांच के दौरान पुलिस को इसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने की जानकारी मिलने का दावा किया गया। इसी आधार पर सिंडिकेट के खिलाफ UAPA की धाराएं जोड़ी गईं। यह जांच एजेंसी का आरोप है; इसे अदालत का निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले से जुड़े 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान विभिन्न देशों में बने 33 अत्याधुनिक हथियार और 365 कारतूस बरामद होने की बात भी कही गई है। बरामद सामान और आरोपियों के बीच संबंध साबित करना मुकदमे का अहम हिस्सा होगा।
सात अन्य लोगों की भूमिका पर भी सुनवाई
आरोपपत्र में शाहबाज अंसारी के अलावा सात अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से पांच कथित तौर पर अंसारी के सीधे संपर्क में थे। जांच एजेंसी अब संपर्कों, बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक आरोपी की अलग-अलग भूमिका अदालत के समक्ष रखेगी। मंजूरी मिलने से मामले की सुनवाई का रास्ता खुला है, लेकिन इससे आरोप सिद्ध नहीं होते। अदालत साक्ष्यों और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद ही तय करेगी कि किस आरोपी पर कौन-सा आरोप साबित होता है।