
जमशेदपुर : चर्चित होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में सोमवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। मामले के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे अशोक सिंह उर्फ राघव के सोनारी स्थित कार्यालय और अन्य ठिकानों पर सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। पुलिस की यह कार्रवाई हत्या से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज जुटाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सोनारी में दोपहर से पुलिस की मौजूदगी, दस्तावेजों की हुई जांच
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे सरायकेला, चौका, सोनारी और बिष्टुपुर थाना की पुलिस टीम राघव के सोनारी स्थित कार्यालय पहुंची। पुलिस की टीम के पहुंचते ही इलाके में हलचल बढ़ गई।
कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस ने राघव की पत्नी रूबी सिंह को भी मौके पर बुलाया। करीब 3 बजे उनके पहुंचने के बाद डीएसपी की मौजूदगी में कार्यालय से संबंधित कागजात और अन्य सामग्रियों की गहन जांच की गई।
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों और कारोबारियों की नजर भी घटनाक्रम पर बनी रही।
24 अगस्त को होटल के पास हुई थी निखार की हत्या
गौरतलब है कि 24 अगस्त को चांडिल स्थित 10th माइलस्टोन होटल के पास होटल कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए अलग-अलग बिंदुओं पर छानबीन शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस को उत्तर प्रदेश से बुलाए गए भाड़े के शूटरों और अशोक सिंह उर्फ राघव की कथित भूमिका से जुड़े सुराग मिले थे। इसके बाद पुलिस ने राघव समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
फरार शूटर भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है
हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे एक फरार शूटर को हाल ही में धनबाद के निरसा में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मामले की जांच में पुलिस की गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों के बीच संपर्क और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जोड़ने में जुटी है।
छापेमारी का मकसद क्या? सबूत और दस्तावेज जुटाने पर जोर
पुलिस के अनुसार सोनारी स्थित राघव के कार्यालय में की गई छापेमारी का उद्देश्य मामले से जुड़े अन्य सबूतों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जुटाना है। जांच टीम कार्यालय से मिले कागजात और अन्य सामग्रियों की जांच कर रही है।
निखार हत्याकांड में अब तक सामने आए घटनाक्रम के बीच पुलिस की यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि जांच एजेंसियां कथित साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
हालांकि, छापेमारी से बरामद किसी विशेष सामग्री या दस्तावेज के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।