
नई दिल्ली : एमबीबीएस की पढ़ाई किसी बीमारी, पारिवारिक परेशानी या अन्य वजह से तय समय पर पूरी नहीं कर पाने वाले छात्रों के लिए राहत की संभावना बनी है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने पाठ्यक्रम पूरा करने की अधिकतम सीमा नौ से बढ़ाकर दस साल करने का प्रस्ताव रखा है। इस अवधि में अनिवार्य रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप भी शामिल होगी। हालांकि प्रथम वर्ष की परीक्षा पास करने के लिए अधिकतम चार प्रयास की शर्त में बदलाव प्रस्तावित नहीं है।
समय-सीमा में क्या बदलने की तैयारी?
NMC के मसौदा संशोधन के अनुसार, दस साल की गणना छात्र के प्रथम एमबीबीएस पाठ्यक्रम में शामिल होने की तारीख से होगी। इसलिए केवल कॉलेज में सीट मिलने या काउंसलिंग की तारीख देखकर अंतिम समय-सीमा तय नहीं की जा सकती। प्रस्ताव लागू होने पर छात्रों को शैक्षणिक पढ़ाई के साथ जरूरी इंटर्नशिप भी इसी अवधि के भीतर पूरी करनी होगी। पहले निर्धारित अधिकतम सीमा नौ साल थी।
इंटर्नशिप के लिए अलग से दस साल नहीं
इस प्रस्ताव का एक अहम पहलू यह है कि दस साल केवल परीक्षाएं पास करने के लिए नहीं मिलेंगे। अनिवार्य इंटर्नशिप भी इसी कुल अवधि का हिस्सा है। उदाहरण के लिए, यदि किसी छात्र की पढ़ाई में लंबा व्यवधान आता है, तो उसे शेष पाठ्यक्रम और इंटर्नशिप दोनों के लिए उपलब्ध समय का हिसाब रखना होगा। प्रस्ताव को नियमित एमबीबीएस पाठ्यक्रम की अवधि बढ़ने के रूप में भी नहीं समझना चाहिए।
पहले साल में चार प्रयास की सीमा
कुल समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव प्रथम प्रोफेशनल एमबीबीएस परीक्षा के प्रयासों में छूट नहीं देता। इसके लिए अधिकतम चार अवसर की शर्त बरकरार रखी गई है। यानी किसी छात्र के पास पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए समय बचा हो, तब भी प्रथम वर्ष की परीक्षा के नियम अलग से पूरे करने होंगे। छात्रों के लिए दोनों शर्तों को समझना जरूरी है।
छात्रों और कॉलेजों के लिए क्यों अहम?
लंबी बीमारी या अन्य असाधारण परिस्थितियों से पढ़ाई प्रभावित होने पर अतिरिक्त एक वर्ष मददगार हो सकता है। वहीं मेडिकल कॉलेजों को छात्रों की प्रवेश तारीख, परीक्षा प्रगति और इंटर्नशिप की स्थिति का सही रिकॉर्ड रखना होगा। छात्रों को भी अपना शैक्षणिक कैलेंडर कॉलेज से स्पष्ट कर लेना चाहिए, ताकि किसी नियम को लेकर भ्रम न रहे। NMC ने मई 2026 में दस साल वाली व्यवस्था का मसौदा जारी कर सुझाव मांगे थे। इसलिए इसे लागू हो चुका नियम बताने से पहले अंतिम अधिसूचना और कॉलेज को मिले आधिकारिक निर्देश देखना आवश्यक है।