
मुंबई : आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जाँच अब परीक्षा कक्ष की CCTV रिकॉर्डिंग पर केंद्रित है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच परीक्षा के दौरान हुई बातचीत और उसके बाद कैंपस में साहिल की गतिविधियों का क्रम समझने के लिए अलग-अलग कैमरों की रिकॉर्डिंग देख रही है। जाँच पूरी होने से पहले किसी एक घटना को उनकी मौत का कारण बताना उचित नहीं होगा।
परीक्षा कक्ष में क्या हुआ था?
सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा के दौरान अनुचित साधन इस्तेमाल करने के संदेह में प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला ने साहिल से पूछताछ की थी। परीक्षा कक्ष की रिकॉर्डिंग में दोनों के बीच बातचीत और साहिल को वहाँ से जाने के लिए कहे जाने की बात सामने आई है। हालाँकि, फुटेज में दर्ज दृश्य अपने आप में पूरी बातचीत या उसके संदर्भ का अंतिम प्रमाण नहीं हैं। पुलिस अन्य रिकॉर्डिंग और उपलब्ध जानकारी को जोड़कर घटनाक्रम की जाँच कर रही है।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
साहिल के परिवार ने कैंपस में जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। ये आरोप जाँच के दायरे में हैं; इन पर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। परिवार निष्पक्ष जाँच चाहता है, ताकि परीक्षा वाले दिन की घटनाओं के साथ पहले की शिकायतों की भी पड़ताल हो सके।
संस्थान और छात्रों के अलग-अलग सवाल
आईआईटी बॉम्बे का कहना है कि साहिल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। दूसरी ओर, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने स्वतंत्र जाँच और छात्र सहायता व्यवस्था में सुधार की माँग उठाई है। फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर डुल्ला का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जाँच की बात कही है। इस बीच कैंपस में मामले को लेकर चिंता और असहमति बनी हुई है।
अब जाँच में आगे क्या?
क्राइम ब्रांच के सामने अहम सवाल है कि परीक्षा कक्ष में हुई घटना के बाद का पूरा घटनाक्रम क्या था। इसके लिए परीक्षा कक्ष, कैंपस और छात्रावास की रिकॉर्डिंग की जाँच की जा रही है। पुलिस के निष्कर्ष आने तक CCTV की छोटी क्लिप या किसी एक पक्ष के बयान के आधार पर निर्णय निकालने से बचना चाहिए।