
नई दिल्ली : रेलवे लाइन पार करने वाले वाहन चालकों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने सड़क यातायात के लिए बंद किए गए समपार फाटकों यानी रेलवे क्रॉसिंग को सामान्य परिस्थितियों में खुला रखने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से उन क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा, जहां फाटक बंद होने के कारण लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। हालांकि, किसी भी फाटक को खोलने से पहले निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
पुराने प्रावधानों में किया गया बदलाव
रेलवे बोर्ड ने 2 मई 2012 को जारी पुराने निर्देशों में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत सड़क यातायात के लिए बंद मानवयुक्त समपार फाटकों को स्थानीय परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद दोबारा खोला जा सकेगा। संबंधित मंडल रेल प्रबंधक को प्रधान मुख्य अभियंता और प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक की मंजूरी के बाद ही फाटक खोलने की अनुमति होगी।
सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य
रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि सड़क यातायात के लिए फाटक खोलने से पहले सभी जरूरी सुरक्षा उपाय पूरे करने होंगे। नॉन-इंटरलॉक्ड यानी बिना सिग्नल प्रणाली वाले फाटकों पर लिफ्टिंग बैरियर लगाया जाएगा। गेटमैन और स्टेशन मास्टर के बीच टेलीफोन संपर्क की व्यवस्था भी जरूरी होगी, ताकि ट्रेनों के परिचालन से संबंधित सूचनाओं का तुरंत आदान-प्रदान किया जा सके। जब फाटक सड़क यातायात के लिए खुला रहेगा, उस दौरान रेलवे लाइन की दोनों दिशाओं में आने वाली ट्रेनों के लिए दिन में लाल झंडा और रात में लाल बत्ती दिखाने की व्यवस्था करनी होगी। इससे ट्रेन संचालन और सड़क यातायात के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
कम आवागमन वाले इलाकों को लाभ
नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ छोटे स्टेशनों, ग्रामीण क्षेत्रों और हाल्ट के आसपास रहने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। कई स्थानों पर कम यातायात का हवाला देते हुए रेलवे फाटकों को सड़क वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था। इसके कारण स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक और लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ता था।
हजारों रेलवे क्रॉसिंग पर होगा सुधार
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में करीब 382, वाराणसी मंडल में 563 और इज्जतनगर मंडल में 390 समेत कुल 1,335 मानवयुक्त समपार फाटक हैं। इनमें से करीब एक हजार फाटकों पर इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जा चुका है। आने वाले समय में 10 हजार से अधिक टीवीयू वाले सभी समपार फाटकों को इंटरलॉक करने की योजना है।रेलवे प्रशासन फाटकों को इंटरलॉक करने के साथ-साथ जहां संभव हो, वहां रोड ओवरब्रिज और रोड अंडरब्रिज के निर्माण पर भी काम कर रहा है। बीते पांच वर्षों में करीब 450 समपार फाटक बंद किए गए हैं। नई नीति से सुरक्षा बनाए रखते हुए स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने का रास्ता साफ होगा।