
जमशेदपुर : झारखंड में लगातार हो रही तेज बारिश ने एक बार फिर जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर, चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद उसके नौ गेट खोले गए हैं, जिससे स्वर्णरेखा नदी में पानी का दबाव और बढ़ गया है। निचले और नदी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
चांडिल डैम के नौ गेट खुले, बढ़ा नदी का दबाव
लगातार बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर करीब 181 मीटर तक पहुंचने के बाद नौ गेट खोले गए। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद स्वर्णरेखा के जलस्तर पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जमशेदपुर में पहले भी चांडिल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद स्वर्णरेखा और खरकई के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में लगातार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने का एक साथ असर निचले इलाकों के लिए चिंता बढ़ा रहा है।
स्वर्णरेखा-खरकई उफान पर, तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता
जमशेदपुर की दोनों प्रमुख नदियां स्वर्णरेखा और खरकई इस समय उफान पर हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों में दहशत का माहौल है। जिन बस्तियों में नदी का पानी सबसे पहले पहुंचता है, वहां रहने वाले परिवार मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
ऐसी स्थिति में बागबेड़ा, जुगसलाई, कदमा, सोनारी, मानगो और सिदगोड़ा जैसे निचले इलाकों में विशेष सतर्कता जरूरी है। हाल के जलस्तर बढ़ने की घटनाओं में इन क्षेत्रों के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंचने की स्थिति सामने आ चुकी है।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ में बना डिप्रेशन, बारिश का दौर जारी
मौसम विभाग के मुताबिक 25 सितंबर की सुबह दक्षिण आंतरिक ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डीप डिप्रेशन कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगले 12 घंटे तक इसके डिप्रेशन के रूप में बने रहने और उसके बाद कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है।
इस मौसम प्रणाली का असर झारखंड समेत आसपास के राज्यों में बारिश के रूप में देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने झारखंड में 25 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी दी है। 26 और 27 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
डेंजर लेवल के करीब नदी, प्रशासन की नजर
लगातार बारिश के बीच नदियों का बढ़ता जलस्तर अब सबसे बड़ी चिंता है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ी तो स्वर्णरेखा और खरकई का जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है।
नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रखने तथा किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाले पानी को पार नहीं करने की सलाह दी जाती है।
अगले कुछ घंटे अहम
फिलहाल मौसम और नदी दोनों की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। चांडिल डैम से पानी छोड़े जाने, लगातार बारिश और दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अगले कुछ घंटे जमशेदपुर के निचले इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से जारी किसी भी चेतावनी या सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश को गंभीरता से लेना जरूरी होगा।