
जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में दिनदहाड़े हुई दुस्साहसिक डकैती ने शहर की बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपराधी महज 24 मिनट में करीब 23 किलोग्राम सोना और 43 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। यह सिर्फ बैंक में रखे सोने और नकदी की लूट नहीं है, बल्कि उन करीब 600 मध्यमवर्गीय परिवारों की गाढ़ी कमाई पर सीधा आघात है, जिन्होंने अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई और संकट के समय की जरूरतों के लिए सोना गोल्ड लोन के एवज में बैंक में गिरवी रखा था।
600 पैकेटों में बंद था परिवारों का भरोसा
डकैती में करीब 600 पैकेटों में रखा 23 किलो सोना अपराधी ले गए। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे ग्राहकों का सोना था, जिन्होंने बैंक से गोल्ड लोन लिया था। आम परिवारों के लिए यह सोना महज संपत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की बचत और भविष्य की सुरक्षा का साधन था। घटना की खबर फैलते ही बैंक के बाहर ग्राहकों की भीड़ जुट गई और उनके चेहरों पर अपनी जमा पूंजी को लेकर गहरी चिंता साफ नजर आई।
सुबह तेज बारिश में बैंक में घुसे अपराधी
जांच में सामने आया है कि अपराधियों ने सुबह तेज बारिश का फायदा उठाया। वे बैंक में दाखिल हुए, सुरक्षा गार्ड को पलभर में निशाना बनाया और सीधे मैनेजर के केबिन तक पहुंच गए। वहां से सेफ की चाबी हासिल करने के बाद लॉकर रूम तक पहुंच बनाई गई।
600 पैकेटों को बोरियों में भरकर ले जाने की तैयारी से जांच एजेंसियों को यह संकेत मिल रहा है कि अपराधियों को बैंक के अंदर मौजूद सोने की मात्रा के बारे में पहले से काफी सटीक जानकारी थी।
चपरासी के पहुंचने से पहले ही थी गार्ड की तैनाती की जानकारी?
पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू बैंक की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और वहां की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी अपराधियों तक पहुंचने का है। जांच में यह बात सामने आई है कि बदमाशों को बैंक खुलने, चपरासी के पहले पहुंचने और उसके बाद सुरक्षा गार्ड के आने की जानकारी थी।
गार्ड का हथियार बैंक में रखा जाता है और उसके पहुंचने के बाद वह वर्दी पहनकर ड्यूटी संभालता है। पुलिस अब नकदी-गहनों की जानकारी मिलने के स्रोत के साथ अपराधियों के बैंक से जुड़े लोगों से संपर्क की भी पड़ताल कर रही है।
पुराने-नए कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसी की भी जांच
सिटी एसपी के नेतृत्व में एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। टीम बैंक के पुराने और वर्तमान कर्मचारियों, सुरक्षा एजेंसी तथा हाल के दिनों में लॉकर रूम तक पहुंचे व्यक्तियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। इनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस अपराधियों के हुलिये, बातचीत और गतिविधियों के आधार पर भी सुराग जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना बैंक में मौजूद होने की सटीक जानकारी अपराधियों को कैसे मिली।
केनरा बैंक प्रबंधन ने कहा-ग्राहकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
केनरा बैंक मुख्यालय, बेंगलुरु के प्रबंधन ने आधिकारिक बयान में कहा है कि ग्राहकों और कर्मचारियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैंक ने बताया कि मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है और वह अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। बैंक ने यह भी कहा कि गिरवी रखी ग्राहकों की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गोलमुरी बैंक डकैती ने एक साथ सैकड़ों परिवारों की वर्षों की जमा पूंजी और बैंक की सुरक्षा व्यवस्था दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब पुलिस की जांच का अहम सवाल यही है कि 24 मिनट में 23 किलो सोना ले जाने वाले अपराधियों को बैंक के अंदर की इतनी सटीक जानकारी आखिर कहां से मिली।