ताजा खबर
शाही मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई से पहले बवाल, पुलिस पर पथराव से तनाव•मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने का आखिरी मौका! 30 सितंबर तक करें आवेदन, फिर नहीं मिलेगा मौका•गंडक का रौद्र रूप! 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, चंपारण के गांवों में घुसा बाढ़ का पानी•एमजीएम में दो अस्पताल प्रबंधकों की नियुक्ति पर जांच, वेतन रोका; एनएचएम की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद कार्रवाई•बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत! 3 दिन की हड़ताल टली, 5-डे बैंकिंग पर बनेगी हाईलेवल कमेटी•रांची स्टेशन से गायब चार वर्षीय बच्चा साहिबगंज में मिला, छह संदिग्ध गिरफ्तार•250 साल पुरानी परंपरा आज भी जीवंत, राजगढ़ की मिट्टी से होती है मां दुर्गा की कलश स्थापना•मतदाता सूची सुधार अब घर बैठे, दस्तावेज लेने खुद पहुंचेंगे BLO•पत्नी ने रची पति की हत्या की साजिश, 10 लाख रुपये की सुपारी का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार•LPU में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कैंपस सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग, प्रशासन ने दावों को बताया अफवाहशाही मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई से पहले बवाल, पुलिस पर पथराव से तनाव•मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने का आखिरी मौका! 30 सितंबर तक करें आवेदन, फिर नहीं मिलेगा मौका•गंडक का रौद्र रूप! 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, चंपारण के गांवों में घुसा बाढ़ का पानी•एमजीएम में दो अस्पताल प्रबंधकों की नियुक्ति पर जांच, वेतन रोका; एनएचएम की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद कार्रवाई•बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत! 3 दिन की हड़ताल टली, 5-डे बैंकिंग पर बनेगी हाईलेवल कमेटी•रांची स्टेशन से गायब चार वर्षीय बच्चा साहिबगंज में मिला, छह संदिग्ध गिरफ्तार•250 साल पुरानी परंपरा आज भी जीवंत, राजगढ़ की मिट्टी से होती है मां दुर्गा की कलश स्थापना•मतदाता सूची सुधार अब घर बैठे, दस्तावेज लेने खुद पहुंचेंगे BLO•पत्नी ने रची पति की हत्या की साजिश, 10 लाख रुपये की सुपारी का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार•LPU में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कैंपस सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग, प्रशासन ने दावों को बताया अफवाह
एमजीएम में दो अस्पताल प्रबंधकों की नियुक्ति पर जांच, वेतन रोका; एनएचएम की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद कार्रवाई - aksharsamvad.com
Spread the love

जमशेदपुर : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड की नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों के बाद अब इसका असर महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल तक पहुंच गया है। एमजीएम में हाल में नियुक्त दो अस्पताल प्रबंधकों की नियुक्ति की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है। जांच पूरी होने तक दोनों प्रबंधकों को उनके कार्य से अलग रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही दोनों के वेतन पर भी रोक लगा दी गयी है।

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद एमजीएम में गठित जांच टीम में डा. नारायण उरांव, डा. ईला झा और डा. एसपी गुप्ता को शामिल किया गया है। टीम दोनों अस्पताल प्रबंधकों की नियुक्ति से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच करेगी।

शैक्षणिक योग्यता से चयन प्रक्रिया तक होगी जांच

जांच कमेटी दोनों नियुक्तियों में अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, आवेदन पत्र, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति से जुड़े अन्य दस्तावेजों का परीक्षण करेगी। यह भी देखा जाएगा कि नियुक्ति के समय निर्धारित नियमों और पात्रता मापदंडों का पालन हुआ था या नहीं।

कमेटी की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

156 चयनित अभ्यर्थियों में 150 के अयोग्य होने का दावा

दरअसल, एनएचएम के तहत अस्पताल प्रबंधक पद पर हुई नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। विभागीय उच्चस्तरीय समिति द्वारा चयन प्रक्रिया की जांच किए जाने के दौरान अंतिम रूप से चयनित 156 अभ्यर्थियों में से 150 को अयोग्य पाए जाने की बात सामने आयी है।

यदि यह निष्कर्ष जांच में कायम रहता है तो चयनित अभ्यर्थियों में केवल छह ही निर्धारित मानकों पर योग्य पाए गए। इसके बाद पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

इसी प्रक्रिया से एमजीएम में हुई थी दो नियुक्तियां

बताया जा रहा है कि इसी नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े पदों पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाल में दो अस्पताल प्रबंधकों की नियुक्ति हुई थी। अब विभाग ने इन दोनों नियुक्तियों की अलग से जांच कराने का निर्णय लिया है।

जांच में मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि दोनों अभ्यर्थियों ने निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य पात्रता शर्तें पूरी की थीं या नहीं। साथ ही आवेदन से लेकर चयन और नियुक्ति तक अपनायी गयी प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी।

धनबल और पैरवी के आरोपों की भी चर्चा

पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर धनबल और पैरवी के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नियुक्ति प्रक्रिया में कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।

फिलहाल दो अस्पताल प्रबंधकों को कार्य से अलग करने और उनके वेतन पर रोक लगाने के फैसले के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल बढ़ गयी है। अब सभी की नजर तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है।

error: Content is protected !!
Exit mobile version