
उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई से पहले सोमवार को इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास जमा हो गए और प्रशासन के फैसले का विरोध करने लगे। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस तथा भीड़ के बीच झड़प की स्थिति बन गई।
सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जाना है हिस्सा
दरअसल, उज्जैन में यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। इसी परियोजना के दायरे में शाही मस्जिद का एक हिस्सा आने की बात कही गई है। प्रशासन की टीम संबंधित हिस्से को हटाने की तैयारी के साथ मौके पर पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग एकत्र हो गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि मस्जिद से जुड़े किसी भी हिस्से को हटाने से पहले समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से निर्णय पर दोबारा विचार करने की मांग भी की।
पुलिस पर पथराव, स्थिति हुई तनावपूर्ण
मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने और पीछे हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने कथित रूप से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए सख्ती बरतनी पड़ी। सामने आई तस्वीरों में सड़क पर धुआं और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी। अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि हालात और न बिगड़ें।
उपद्रवियों की पहचान में जुटा प्रशासन
घटना के बाद पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच कर रही है। पथराव और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। हालांकि, कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आगे का कदम स्थिति की समीक्षा के बाद उठाया जाएगा।
इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ी
घटना के बाद मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है तथा हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने या हिंसा फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।