
जमशेदपुर : त्योहारों से पहले टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कंपनी प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन के बीच सोमवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के बोनस समझौते पर सहमति बन गई। समझौते के अनुसार पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 82,500 रुपये और न्यूनतम 52,600 रुपये बोनस के रूप में दिए जाएंगे। इस फैसले से प्लांट में कार्यरत हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल है।
वेतन के साथ खाते में पहुंचेगी राशि
बोनस की राशि सितंबर महीने के वेतन के साथ कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे दुर्गापूजा और आने वाले त्योहारों से पहले कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। बोनस के अतिरिक्त प्रत्येक कर्मचारी को 1,100 रुपये मूल्य का गिफ्ट कूपन भी दिया जाएगा। बोनस और उपहार कूपन की घोषणा को कर्मचारियों के लिए दोहरी सौगात माना जा रहा है। जमशेदपुर प्लांट में करीब आठ हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। समझौते का लाभ पात्र कर्मचारियों को मिलेगा। बोनस की राशि अलग-अलग कर्मचारियों के वेतन, सेवा अवधि, उपस्थिति और निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर न्यूनतम तथा अधिकतम सीमा के बीच तय होने की बात कही गई है।
कारोबार अलग होने के बाद पहला समझौता
टाटा मोटर्स के कमर्शियल और पैसेंजर वाहन कारोबार के अलग-अलग होने के बाद जमशेदपुर प्लांट में हुआ यह पहला बोनस समझौता है। दोनों कंपनियां एक अक्टूबर 2025 से अलग हो गई थीं। इस बदलाव के कारण इस बार बोनस निर्धारण की प्रक्रिया को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। बोनस की राशि तय करते समय वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन और उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों को आधार बनाया गया। प्रबंधन और यूनियन के बीच विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के बाद कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अंतिम सहमति बनाई गई।
प्रबंधन और यूनियन ने किए हस्ताक्षर
समझौते पर कंपनी प्रबंधन की ओर से प्लांट हेड अनुराग छारिया, एचआर हेड तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए। वहीं, कर्मचारी यूनियन की ओर से अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आरके सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर कर इसे अंतिम रूप दिया।
कर्मचारियों में खुशी का माहौल
बोनस समझौते की सूचना सामने आते ही प्लांट के कर्मचारियों में खुशी देखी गई। त्योहारों से ठीक पहले मिलने वाली इस राशि से शहर के बाजारों में खरीदारी बढ़ने की भी संभावना है। जमशेदपुर की अर्थव्यवस्था में टाटा मोटर्स के कर्मचारियों की अहम भूमिका है। ऐसे में बोनस का असर कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, आभूषण और घरेलू सामान के कारोबार पर भी दिखाई दे सकता है।