
नई दिल्ली : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में बुधवार, 30 सितंबर को हुई गंभीर घटना ने विमान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि विमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। यात्रियों और चालक दल के हस्तक्षेप के बाद आरोपी को काबू किया गया। विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया। हमले का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है।
कॉकपिट में संघर्ष, यात्रियों ने सुनीं चीखें
उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई हिंसा के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। अचानक बदली परिस्थितियों से यात्रियों में घबराहट फैल गई। कुछ यात्रियों ने कॉकपिट तक पहुँचकर हस्तक्षेप किया और हमलावर को नियंत्रण प्रणाली से दूर करने का प्रयास किया। यात्री यानिव हायून ने बताया कि उन्होंने आरोपी को विमान के उपकरणों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते देखा। इसके बाद उसे पकड़कर पीछे खींचा गया। यात्रियों और क्रू की कार्रवाई से स्थिति सँभालने में मदद मिली।
घायल कैप्टन ने दिखाई हिम्मत
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने संकट से मुकाबला किया। रिपोर्टों के अनुसार, कॉकपिट का दरवाजा खुलने से बाहर मौजूद लोग अंदर पहुँच सके और आरोपी को रोक पाए। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने भी स्थिति सँभालने में मदद की। सुरक्षित लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन को उपचार के लिए अस्पताल पहुँचाया गया। इस घटना में यात्रियों के हस्तक्षेप और चालक दल की भूमिका को बड़े हादसे से बचने की अहम वजह माना जा रहा है।
विमान की ऊँचाई को लेकर अलग-अलग विवरण
विमान के तेजी से नीचे आने की जानकारी कई रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, ऊँचाई में गिरावट और उसकी अवधि को लेकर विवरण अलग हैं। कुछ रिपोर्टों में लगभग 14 हजार फीट, जबकि अन्य में करीब 17 हजार फीट नीचे आने का उल्लेख है। इसलिए किसी एक आँकड़े को अंतिम मानने के बजाय जाँच के निष्कर्ष का इंतजार जरूरी है।
सहकर्मी का दावा चर्चा में, मकसद की पुष्टि बाकी
एक साथी पायलट के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आरोपी महिला सहकर्मियों से हाथ मिलाने से इनकार करता था और उसका व्यवहार कार्यस्थल के माहौल से अलग था। यह सहकर्मी का बयान है; इससे हमले की वजह साबित नहीं होती। आरोपी के ओमानी नागरिक होने की जानकारी भी रिपोर्टों में सामने आई है। इजरायली अधिकारी घटना को संभावित आतंकी हमले की कोशिश के दृष्टिकोण से देख रहे हैं। फिलहाल हमले के उद्देश्य, घटनाक्रम और सुरक्षा संबंधी सवालों पर जाँच जारी है। धार्मिक व्यवहार या राष्ट्रीयता के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।