
राँची : राजधानी की नदियों, तालाबों और झीलों के संरक्षण के लिए समग्र योजना तैयार की जा रही है। इसमें हरमू नदी, स्वर्णरेखा के शहरी हिस्से और प्रमुख जलाशयों को शामिल किया गया है। बुधवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जलस्रोतों की मौजूदा स्थिति, प्रदूषण नियंत्रण और सीवेज प्रबंधन पर चर्चा की गई। वहीं, अलग बैठक में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के आसपास अवैध पार्किंग और गलत नंबर प्लेट वाले वाहनों का मामला उठाया गया।
नदियों की सेहत सुधारने के लिए समग्र योजना
शहरी नदी प्रबंधन योजना के लिए गठित बहुहितधारक कार्य समूह की दूसरी बैठक में विभिन्न विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान की टीम ने अध्ययन से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में जोर दिया गया कि नदियों के पुनर्जीवन के लिए प्रदूषण के कारणों और सीवेज प्रबंधन पर काम करना आवश्यक है। प्रकृति आधारित उपायों के साथ जल निकायों के संरक्षण को योजना का अहम हिस्सा बनाने पर भी चर्चा हुई।
विश्व बैंक के सहयोग से तैयार हो रही योजना
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत गंगा बेसिन के 60 शहरों के लिए इस तरह की योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। राँची की योजना राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से बनाई जा रही है। इसके तहत जलस्रोतों के संरक्षण के साथ हरित और जल आधारित ढाँचे के विकास पर भी काम होगा। बैठक में अलग-अलग विभागों की भूमिका और आपसी समन्वय की जरूरत पर ध्यान दिया गया, ताकि संरक्षण से जुड़े प्रयास एक साझा दिशा में आगे बढ़ सकें।
नागरिकों की भागीदारी को बताया जरूरी
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि नदियों और जलाशयों को स्थायी रूप से बचाने के लिए सरकारी विभागों के साथ संस्थानों और नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। केवल सरकारी प्रयासों से जलस्रोतों का दीर्घकालिक संरक्षण संभव नहीं होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर काम करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम, जुडको, कृषि निदेशालय, राँची विश्वविद्यालय और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
एयरपोर्ट की चहारदीवारी के पास पार्किंग पर कार्रवाई
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर बुधवार को एयरोड्रोम कमेटी की बैठक भी हुई। गृह सचिव वंदना दादेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एयरपोर्ट के आसपास की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि चहारदीवारी के आसपास रोजाना दर्जनों वाहन अवैध रूप से खड़े रहते हैं। क्षेत्र को नो-पार्किंग जोन चिह्नित किए जाने के बावजूद ऐसी स्थिति बनी रहती है। बैठक में वाहनों को हटाने और वहाँ पार्किंग रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया गया।
गलत नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी नजर
एयरपोर्ट के पार्किंग क्षेत्र में गलत नंबर प्लेट लगाकर प्रवेश करने वाले वाहनों का मुद्दा भी सामने आया। सुरक्षा के लिहाज से वाहनों की पहचान और प्रवेश व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में एयरपोर्ट, पुलिस और प्रशासन के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।