
रांची : शहर की सड़कों पर काम पूरा करने के बाद गड्ढे छोड़ने वाली एजेंसियों और संवेदकों की जवाबदेही तय होगी। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कार्य समाप्त होते ही संबंधित सड़क को पहले जैसी स्थिति में बहाल करना अनिवार्य है। सड़क की मरम्मत में लापरवाही बरतने या गड्ढे खुले छोड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में
योजनाओं, अतिक्रमण, विधि-व्यवस्था और यातायात से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर लंबित काम निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने को कहा।
काम खत्म होते ही भरने होंगे गड्ढे
उपायुक्त ने गेल के अधिकारियों और संबंधित संवेदकों को निर्देश दिया कि खोदी गई सड़कों तथा बनाए गए गड्ढों को तत्काल भरकर सुरक्षित आवागमन योग्य बनाया जाए। केवल निर्माण या अन्य कार्य पूरा कर देना पर्याप्त नहीं होगा; उसके बाद सड़क की स्थिति सुधारना भी संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी होगी। सड़कों पर चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी और काम समाप्त होने के बाद बहाली का सत्यापन करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया गया। शहर में बेतरतीब तरीके से बिछाए गए केबल तथा कार्य के बाद खराब छोड़ी गई सड़कों को भी गंभीरता से लिया गया।
अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा रोकें
शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ आगे की निगरानी पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा नहीं होने दिया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। फुटपाथ और सड़क किनारे अनियमित रूप से दुकान लगाने की समस्या नियंत्रित करने के लिए नगर निगम को अंचल अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया। शहर के सभी वार्डों में वेंडर मार्केट के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने के निर्देश भी दिए गए।
जाम वाले रास्तों और अवैध कट पर नजर
यातायात समीक्षा में प्रमुख चौक-चौराहों, व्यस्त सड़कों और बार-बार जाम लगने वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। यातायात में बाधा डालने वाले अनावश्यक तथा अनधिकृत कट चिह्नित कर हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अनधिकृत कब्जे और यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। बैठक में नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के लिए स्वचालित चालान व्यवस्था की समीक्षा भी की गई।
विकास योजनाओं में देरी दूर करने पर जोर
उपायुक्त ने सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाने को प्राथमिकता बताया। क्रियान्वयन में बाधा आने पर संबंधित विभाग आपसी समन्वय से उसका तत्काल समाधान करें। अधिकारियों को अपने विभागों के कार्यों की निगरानी करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा गया। बैठक में नगर निगम आयुक्त सुशांत गौरव, यातायात पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।