
नई दिल्ली : भागदौड़, काम का दबाव और अधूरी नींद का असर केवल मन तक सीमित नहीं रहता। लंबे समय तक बना तनाव त्वचा की सेहत को भी प्रभावित कर सकता है। चेहरे पर बढ़ते मुंहासे, खुजली और पहले से मौजूद त्वचा संबंधी परेशानियों का बिगड़ना इससे जुड़ा हो सकता है। हालांकि, हर दाने या लालिमा की वजह तनाव नहीं होती। हार्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण, मौसम और इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पाद भी भूमिका निभाते हैं।
तनाव के दौरान क्यों बढ़ सकते हैं मुंहासे?
तनाव के समय शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव त्वचा की तेल ग्रंथियों की गतिविधि बढ़ा सकते हैं। इससे उन लोगों में मुंहासे ज्यादा उभर सकते हैं, जिन्हें पहले से इसकी प्रवृत्ति होती है। तनाव के दौरान चेहरे को बार-बार छूना या दानों को दबाना समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए केवल नया फेसवॉश खरीदने के बजाय अपनी नींद, दिनचर्या और मानसिक दबाव पर भी ध्यान देना उपयोगी है।
खुजली और पुरानी त्वचा समस्याएं हो सकती हैं तेज
तनाव एक्जिमा या सोरायसिस का अकेला कारण नहीं है, लेकिन कुछ लोगों में इनके लक्षण बढ़ा सकता है। खुजली तेज होना, बार-बार खुजलाना और त्वचा में जलन महसूस होना परेशानी का चक्र बना सकता है। लगातार खुजलाने से त्वचा को चोट पहुंच सकती है। ऐसे में पहले से चल रहे उपचार को छोड़कर केवल तनाव कम करने पर निर्भर रहना उचित नहीं है।
त्वचा की सुरक्षा और घाव भरने पर भी असर
लंबे समय का तनाव त्वचा की सुरक्षात्मक परत के कामकाज को प्रभावित कर सकता है। यह परत नमी बनाए रखने और बाहरी जलन पैदा करने वाली चीजों से बचाव में मदद करती है। इसके प्रभावित होने पर रूखापन और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। तनाव त्वचा की मरम्मत और घाव भरने की प्रक्रिया को भी धीमा कर सकता है।
अधूरी नींद से बिगड़ सकती है देखभाल की दिनचर्या
तनाव के कारण देर तक जागना, नींद टूटना और सुबह थकान महसूस होना आम परेशानी बन सकती है। इसका असर नियमित त्वचा देखभाल पर भी पड़ता है। कई लोग परेशान होकर बार-बार उत्पाद बदलने लगते हैं या जरूरत से ज्यादा सफाई करते हैं। चेहरे को जोर से रगड़ने और कई नए उत्पाद एक साथ लगाने से बचें। सरल और नियमित देखभाल बनाए रखना बेहतर है।
छोटी आदतें बन सकती हैं मददगार
सोने-जागने का समय तय करना, नियमित टहलना, हल्का व्यायाम और कुछ मिनट शांत सांस लेने का अभ्यास तनाव संभालने में मदद कर सकते हैं। संतुलित भोजन और आराम के लिए समय निकालना भी जरूरी है। त्वचा की सफाई के लिए सौम्य उत्पाद इस्तेमाल करें और जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं। तनाव कम करना देखभाल का हिस्सा है, किसी त्वचा रोग के इलाज का विकल्प नहीं।
लक्षण बने रहें तो जांच कराएं
लगातार मुंहासे, तेज खुजली, फैलते रैश या घाव ठीक न होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। परेशानी को केवल तनाव मानकर अनदेखा करने से सही कारण की पहचान और उपचार में देरी हो सकती है।