पटना/रांची : रांची के सेवानिवृत्त CCL महाप्रबंधक (मानव संसाधन) आलोक कुमार (67) की पटना के राजीवनगर थाना क्षेत्र स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में गोली लगने से मौत हो गई। शनिवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव उनकी ही कार की ड्राइविंग सीट पर मिला। गोली उनके कान के पीछे लगी थी। घटना के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
कार के पास पिस्टल और कारतूस मिले
पुलिस की प्रारंभिक जांच में कार के पास से एक पिस्टल, खोखा, दो कारतूस और मोबाइल बरामद किए गए हैं। घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। उनका सवाल है कि यदि आलोक कुमार ने आत्महत्या की तो गोली लगने के बाद पिस्टल और गोली की स्थिति क्या थी।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कार के आसपास कोई स्पष्ट संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आने की बात सामने आई है। एफएसएल जांच में आलोक कुमार के हाथों पर बारूद के कण मिलने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी इसे आत्महत्या का निर्णायक प्रमाण नहीं मान रही है।
दो दिन पहले ही पटना पहुंचे थे
बिहार के मोतिहारी निवासी आलोक कुमार रांची के कांके रोड स्थित इंदिरा नगर में रहते थे। बताया गया कि वह दो दिन पहले पटना में अपनी बहन के घर आए थे। इसी दौरान यह घटना हो गई। परिजनों के अनुसार, इसी वर्ष 23 जुलाई को रांची स्थित उनके आवास पर भी नकाबपोशों ने हमला किया था, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।
हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच
सिटी एसपी मध्य ममता कल्याणी ने बताया कि पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव सुरक्षित रखा गया है। परिजनों के आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आलोक कुमार की मौत गोली लगने की किस परिस्थिति में हुई।




