
पलामू : झारखंड के पलामू जिले में जितिया पूजा की सामग्री विसर्जित करने के दौरान हुए हादसे में एक बच्चे की जान चली गई। रविवार को अपनी मां के साथ स्थानीय तालाब पर गया बच्चा गहरे पानी में पहुंचने के बाद डूब गया। ग्रामीणों ने उसे पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है। घटना छतरपुर थाना क्षेत्र के खाटिन गांव की है।
पूजा सामग्री विसर्जन के दौरान गहरे पानी में पहुंचा
जानकारी के अनुसार, राकेश अपनी मां के साथ जितिया पूजा की सामग्री लेकर गांव के तालाब पर गया था। वहां सामग्री विसर्जित करने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। पूजा से जुड़ी सामग्री के विसर्जन के लिए तालाब पर पहुंचने का यह अवसर एक दुखद घटना में बदल गया। उपलब्ध जानकारी में बच्चे की उम्र का उल्लेख नहीं किया गया है। वह पानी के गहरे हिस्से तक किस तरह पहुंचा, इसका विस्तृत विवरण भी सामने नहीं आया है।
ग्रामीणों ने निकाला, अस्पताल लेकर पहुंचे
बच्चे के डूबने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने उसे तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद इलाज के लिए उसे उप-विभागीय अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों की कोशिश थी कि अस्पताल पहुंचाकर बच्चे को चिकित्सा सहायता मिल सके। हालांकि, वहां डॉक्टरों ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। तालाब से निकालकर अस्पताल ले जाने तक उसे बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उसका जीवन नहीं बचाया जा सका। इस घटना में एक बच्चे की मृत्यु की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने लिया संज्ञान, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
छतरपुर थाना प्रभारी सौरभ चौबे ने बताया कि पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है। आवश्यक प्रक्रिया के तहत बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर स्थित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। पुलिस की ओर से रविवार को घटना और मृतक की पहचान की जानकारी दी गई। फिलहाल उपलब्ध विवरण में तालाब की गहराई, वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था या किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने का उल्लेख नहीं है। ऐसे में हादसे के कारणों को लेकर किसी अतिरिक्त निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
जलाशयों के पास सावधानी की जरूरत
यह दुखद घटना धार्मिक आयोजनों और विसर्जन के दौरान जलाशयों के आसपास बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत सामने लाती है। तालाब या नदी के किनारे जाते समय बच्चों को गहरे पानी से दूर रखना और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखना जरूरी है। पूजा सामग्री विसर्जित करने के लिए सुरक्षित स्थान का चयन भी सावधानी का हिस्सा होना चाहिए। पलामू की इस घटना में ग्रामीणों ने बच्चे को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, फिर भी उसकी जान नहीं बच सकी। अब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू की है।