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नगर निगम या इंडस्ट्रियल टाउनशिप? सुप्रीम कोर्ट में जमशेदपुर के भविष्य पर सुनवाई टली - aksharsamvad.com
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जमशेदपुर : जमशेदपुर को इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में बनाए रखने या यहां नगर निगम के गठन की मांग से जुड़े बहुचर्चित मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। समय की कमी के कारण अदालत मामले पर सुनवाई नहीं कर पायी। अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए नई तारीख तय की जायेगी। सुप्रीम कोर्ट में मामला सूचीबद्ध होने के कारण जमशेदपुर के नगर निकाय के स्वरूप को लेकर एक बार फिर लोगों की नजरें अदालत पर टिक गयी हैं।

28 दिसंबर 2023 की अधिसूचना को चुनौती

यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा की ओर से दायर रिट याचिका (सिविल) संख्या 483/2025 से जुड़ा है। याचिका में झारखंड सरकार की ओर से 28 दिसंबर 2023 को जमशेदपुर को औद्योगिक नगरी घोषित करने संबंधी जारी अधिसूचना को चुनौती दी गयी है। याचिकाकर्ता ने इस अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है।

नगर निगम गठन की मांग

याचिका में जमशेदपुर के निवासियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हवाला देते हुए शहर में नगर निगम गठित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका का मूल सवाल यही है कि जमशेदपुर को औद्योगिक नगरी के मौजूदा स्वरूप में रखा जाये या शहरी स्थानीय निकाय के रूप में नगर निगम का गठन किया जाये।

संवैधानिक प्रावधान भी चुनौती के दायरे में

मामले में संविधान के अनुच्छेद 243क्यू (1) के प्रावधान और झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 481 की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी गयी है। इसी वजह से यह मामला केवल नगर निगम गठन तक सीमित नहीं है, बल्कि जमशेदपुर के प्रशासनिक स्वरूप से जुड़े कानूनी सवालों से भी जुड़ा हुआ है।

तीन सदस्यीय पीठ के सामने सूचीबद्ध था मामला

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष छह अक्टूबर को सूचीबद्ध थी। हालांकि, अदालत के पास समय की कमी के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब अगली तारीख तय होने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ेगी।

वर्षों से जारी है नगर निगम का मुद्दा

जमशेदपुर को नगर निगम का दर्जा देने और इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में बनाए रखने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद इसके कानूनी पहलू पर भी व्यापक नजर बनी हुई है। मंगलवार को सुनवाई टलने के बाद अब अगली तारीख और अदालत में होने वाली सुनवाई पर शहरवासियों की निगाह रहेगी।

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