ताजा खबर
रांची जाने निकले थे, चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में गई जान•पंडाल दर्शन होगा आसान, रांची में मुफ्त बस सेवा की तैयारी•14 साल की उम्र में राष्ट्रीय चैंपियन, जमशेदपुर के अधिराज ने रचा इतिहास•नगर निगम या इंडस्ट्रियल टाउनशिप? सुप्रीम कोर्ट में जमशेदपुर के भविष्य पर सुनवाई टली•टाटा कमांड एरिया में बड़ा बदलाव, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की पाबंदी; अब सभी को मिलेगा पानी-बिजली कनेक्शन•बिंदल मॉल फायरिंग के आरोपियों का पुलिस से एनकाउंटर, मेरीन ड्राइव के जंगल में चली गोलियां•दुर्गापूजा में मिलावट पर प्रशासन का शिकंजा, जमशेदपुर में 6 टीमें करेंगी मिठाई-खाद्य दुकानों की जांच•श्रमिकों के हक पर विधानसभा समिति का जोर, वेतन-बकाया और उपक्रमों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा•किताबों के साथ कानून की सीख, हलूदवनी के बच्चों ने जाने अपने अधिकार•दुर्गापूजा पंडालों से नशा मुक्ति का संदेश, विसर्जन पर भी मुख्यमंत्री का खास सुझावरांची जाने निकले थे, चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में गई जान•पंडाल दर्शन होगा आसान, रांची में मुफ्त बस सेवा की तैयारी•14 साल की उम्र में राष्ट्रीय चैंपियन, जमशेदपुर के अधिराज ने रचा इतिहास•नगर निगम या इंडस्ट्रियल टाउनशिप? सुप्रीम कोर्ट में जमशेदपुर के भविष्य पर सुनवाई टली•टाटा कमांड एरिया में बड़ा बदलाव, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की पाबंदी; अब सभी को मिलेगा पानी-बिजली कनेक्शन•बिंदल मॉल फायरिंग के आरोपियों का पुलिस से एनकाउंटर, मेरीन ड्राइव के जंगल में चली गोलियां•दुर्गापूजा में मिलावट पर प्रशासन का शिकंजा, जमशेदपुर में 6 टीमें करेंगी मिठाई-खाद्य दुकानों की जांच•श्रमिकों के हक पर विधानसभा समिति का जोर, वेतन-बकाया और उपक्रमों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा•किताबों के साथ कानून की सीख, हलूदवनी के बच्चों ने जाने अपने अधिकार•दुर्गापूजा पंडालों से नशा मुक्ति का संदेश, विसर्जन पर भी मुख्यमंत्री का खास सुझाव
14 साल की उम्र में राष्ट्रीय चैंपियन, जमशेदपुर के अधिराज ने रचा इतिहास - aksharsamvad.com
Spread the love

जमशेदपुर : जमशेदपुर के युवा शतरंज खिलाड़ी अधिराज मित्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए शहर और झारखंड का नाम रोशन किया है। महज 14 वर्ष की उम्र में अधिराज ने अंडर-17 राष्ट्रीय ओपन शतरंज चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। जम्मू में 28 सितंबर से छह अक्टूबर तक आयोजित 36वीं नेशनल अंडर-17 ओपन शतरंज चैंपियनशिप में देशभर से चयनित 201 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।

11 राउंड में बनाए नौ अंक

कड़े मुकाबलों के बीच अधिराज ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 11 राउंड में कुल नौ अंक हासिल किए और पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। अंडर-17 वर्ग में अपने से अधिक उम्र के खिलाड़ियों के बीच अधिराज का यह प्रदर्शन उनकी प्रतिभा और लगातार मेहनत को दर्शाता है।

सात साल की उम्र से सीख रहे शतरंज

सोनारी निवासी अधिराज लॉयला स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र हैं। उन्होंने करीब सात वर्ष की उम्र से शतरंज सीखना शुरू किया था। कम उम्र में ही खेल के प्रति उनकी गंभीरता और नियमित अभ्यास ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। उनके पिता उत्तम मित्रा और माता स्वर्णा मित्रा बेटे को शतरंज में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित करते हैं।

देश-विदेश में भी जीत चुके हैं पदक

अधिराज इससे पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मलेशिया में आयोजित कॉमनवेल्थ चेस चैंपियनशिप के अंडर-14 वर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा श्रीलंका में आयोजित कॉमनवेल्थ यूथ चेस चैंपियनशिप में अंडर-14 वर्ग में ब्लिट्ज में स्वर्ण, रैपिड में रजत और क्लासिकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था।

पूर्वी सिंहभूम जिला स्तर पर अधिराज 15 से अधिक बार चैंपियन रह चुके हैं। उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए खेल विशेषज्ञ उन्हें भविष्य का इंटरनेशनल मास्टर और ग्रैंडमास्टर बनने की मजबूत संभावना वाले खिलाड़ी के रूप में देख रहे हैं।

अधिराज की इस उपलब्धि से जमशेदपुर के शतरंज प्रेमियों में खुशी है। उनकी सफलता शहर के उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनी है, जो शतरंज में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे हैं।

error: Content is protected !!
Exit mobile version