
- विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर दी गई जानकारी, 14416 हेल्पलाइन से 24 घंटे मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेने की अपील
जमशेदपुर : मानसिक परेशानी को छिपाने के बजाय उसके बारे में खुलकर बात करें और जरूरत पड़ने पर मदद लें। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से मानगो चौक पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जानकारी दी गई।
यह कार्यक्रम डालसा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के निर्देशानुसार तथा डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस दौरान पीएलवी नागेंद्र कुमार, दिलीप जायसवाल, मनोज महतो और जोबा रानी बास्के ने लोगों को जागरूक किया।
शारीरिक स्वास्थ्य जितना जरूरी है मानसिक स्वास्थ्य
पीएलवी ने बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य महासंघ (डब्ल्यूएफएमएच) ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और मानसिक बीमारियों से जुड़ी गलत धारणाओं, डर तथा सामाजिक कलंक को दूर करना है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने का अर्थ केवल शारीरिक बीमारी से दूर रहना नहीं है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहना भी उतना ही आवश्यक है। मानसिक तनाव या परेशानी होने पर समय रहते सहायता लेना जरूरी है।
14416 पर मिलेगी मानसिक स्वास्थ्य सहायता
कार्यक्रम में लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस नंबर के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। लोगों से अपील की गई कि मानसिक परेशानी होने पर सहायता लेने में संकोच न करें और जरूरतमंद लोगों को भी उचित मदद लेने के लिए प्रेरित करें।
संतुलित आहार, व्यायाम और अच्छी नींद जरूरी
डालसा के पीएलवी ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने ताजे फल, हरी सब्जियां, संतुलित भोजन और पर्याप्त पानी के सेवन पर जोर दिया। साथ ही रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलने, योग या हल्का व्यायाम करने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सात से आठ घंटे की पर्याप्त नींद लेना और तनाव से बचने के लिए मानसिक शांति बनाए रखना भी जरूरी है। इन आदतों को दैनिक जीवन में अपनाकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसिक परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर सहायता लेना चाहिए।