
गोवा : दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद अब उनकी मौत की वजह को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी सीएडी और दिल की धमनी में खून का थक्का मिलने की बात सामने आई है। चिकित्सकों ने मृत्यु को प्राकृतिक बताया है। अभिनेता का 8 अक्टूबर को गोवा में निधन हुआ था। अचानक आई इस खबर ने उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत को गहरे शोक में डाल दिया।
रात में दोस्त को बताया था तबीयत का हाल
सामने आई जानकारी के अनुसार, निधन से कुछ घंटे पहले नाना पाटेकर ने अपने करीबी दोस्त अमेय नाइक से संपर्क करने की कोशिश की थी। उन्होंने 8 अक्टूबर की रात करीब ढाई बजे व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इसके बाद उन्होंने फोन भी किया। बताया गया है कि अमेय ने लगभग साढ़े तीन बजे संदेश देखा और तुरंत अभिनेता के डोना पाउला स्थित घर पहुंचे। वहां नाना पाटेकर सोफे पर बेहोश मिले। तबीयत बिगड़ने की सूचना और दोस्त के पहुंचने के बीच का यह घटनाक्रम पुलिस की जांच में सामने आया है।
अस्पताल पहुंचाया गया, नहीं बच सकी जान
अभिनेता की हालत देखकर अमेय ने सुरक्षा गार्ड की सहायता ली और अस्पताल की आपातकालीन सेवा से संपर्क किया। इसके बाद नाना पाटेकर को मणिपाल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। गोवा स्थित घर पर अभिनेता के बेहोश मिलने और अस्पताल में उन्हें बचाने के प्रयास असफल रहने की पुष्टि की गई है। अस्पताल के चिकित्सक ने शुरुआती जानकारी में कार्डियक अरेस्ट का उल्लेख किया था, जबकि उस समय उसे उत्पन्न करने वाली वजह स्पष्ट नहीं थी।
पोस्टमार्टम से सामने आया घटनाक्रम का अगला पहलू
दिल की मुख्य धमनियों में से एक में रक्त का थक्का बनने से हृदय के बड़े हिस्से तक रक्त का प्रवाह प्रभावित हुआ। इसी स्थिति को गंभीर हार्ट अटैक और उसके बाद हुए कार्डियक अरेस्ट से जोड़ा गया है। शुरुआती सूचना में जहां दिल की धड़कन रुकने की बात कही गई थी, वहीं पोस्टमार्टम से जुड़ी रिपोर्टों में इसके पीछे की बीमारी और धमनी में अवरोध का उल्लेख किया गया है। इस तरह मृत्यु के तत्काल कारण और उससे पहले की शारीरिक स्थिति को लेकर अलग-अलग चरणों में जानकारी सामने आई।
जांच के लिए दर्ज किया गया था मामला
अचानक निधन के बाद गोवा पुलिस ने मेडिको-लीगल प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज किया था। मृत्यु का कारण स्पष्ट करने के लिए 8 अक्टूबर को बाम्बोलिम स्थित गोवा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया गया।पुलिस की जांच में अंतिम संदेश, फोन कॉल और घर से अस्पताल पहुंचाए जाने तक की घटनाओं की जानकारी जुटाई गई। अब सामने आए चिकित्सकीय विवरण ने अभिनेता के निधन से जुड़े सवालों पर नई जानकारी दी है। अपने सशक्त अभिनय और विशिष्ट संवाद अदायगी के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर की यादें उनके प्रशंसकों के बीच बनी रहेंगी।