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न फैशन की डिग्री, न कारोबारी प्रशिक्षण, अपने हुनर से खड़ा किया ‘गुलाची’ ब्रांड - aksharsamvad.com
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‘गुलाची’ हैंडलूम ब्रांड की संस्थापक पिंकी मांझी, जो पारंपरिक आदिवासी डिजाइन और बुनकरों की कला को आधुनिक फैशन से जोड़ रही हैं।

जमशेदपुर :  पारंपरिक आदिवासी कला को आधुनिक फैशन से जोड़कर पिंकी मांझी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। फैशन डिजाइनिंग या कारोबार की औपचारिक पढ़ाई किए बिना उन्होंने रचनात्मक सोच और मेहनत के सहारे ‘गुलाची’ हैंडलूम ब्रांड की शुरुआत की। ओडिशा के मयूरभंज की रहने वाली पिंकी का प्रयास आदिवासी डिजाइनों को नया बाजार देने के साथ बुनकरों के हुनर को पहचान दिलाना भी है। छोटे आउटलेट से शुरू हुआ उनका सफर अब विभिन्न शहरों में आयोजित ट्राइबल फैशन शो तक पहुंच चुका है।

साड़ियों के लगाव ने दिखाई कारोबार की राह

राउरकेला की एसटीआई कॉलोनी से ताल्लुक रखने वाली स्नातक पिंकी मांझी पहले गृहिणी थीं। उनके पिता भारतीय रेलवे में कार्यरत थे। भारतीय शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित पिंकी को संगीत के साथ पारंपरिक खानपान और साड़ियों से भी लगाव रहा है। अपनी सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने की इच्छा ने उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित किया। परिवार के सहयोग से उन्होंने कारोबार शुरू किया और उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान देते हुए धीरे-धीरे इसे आगे बढ़ाया। बड़े विज्ञापनों के बजाय ग्राहकों के भरोसे और अपने उत्पादों की विशेषताओं को उन्होंने प्राथमिकता दी।

संताल संस्कृति से जुड़ा है ब्रांड का नाम

‘गुलाची’ नाम संताल समुदाय के एक प्रिय फूल से प्रेरित है, जिसका आदिवासी समाज में सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। इसी जुड़ाव को आधार बनाकर पिंकी ने एक जनवरी 2022 को ब्रांड की शुरुआत की।मयूरभंज जिले के बिसोई में छोटे आउटलेट और ऑनलाइन माध्यम से शुरू हुई पहल करीब चार वर्षों की मेहनत के बाद विस्तृत रूप ले चुकी है। शुरुआत संताल हैंडलूम साड़ियों से हुई थी। उद्देश्य ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुशल बुनकरों की कला को पहचान तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।

पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक पसंद

ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए गुलाची में पारंपरिक साड़ियों के साथ फ्यूजन साड़ियां भी तैयार की जा रही हैं। इनमें विभिन्न आदिवासी समुदायों के मोटिफ्स और डिजाइन का मेल दिखाई देता है। ब्रांड का दायरा साड़ियों से आगे बढ़ा है। महिलाओं के लिए हैंडबैग, कुर्ता-पैंट, दुपट्टे, लॉन्ग श्रग और जैकेट जैसे उत्पाद उपलब्ध हैं। पुरुषों के लिए खास ट्राइबल जैकेट तैयार किए जा रहे हैं। पिंकी हाई-एंड ट्राइबल साड़ियों की कमी को कारोबारी संभावना मानती हैं और पारंपरिक कला को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करना चाहती हैं।

फैशन शो से बढ़ रही पहचान

पिंकी मांझी झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सिने कलाकारों के साथ मिलकर अपने उत्पादों का प्रचार कर रही हैं। उनकी टीम जमशेदपुर, रांची, दुमका और बोकारो समेत कई शहरों में ट्राइबल फैशन शो आयोजित कर चुकी है। पिंकी का मानना है कि आगे बढ़ने के लिए जुनून, लगन और निरंतर मेहनत जरूरी है। उनका सफर उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने हुनर को कारोबार में बदलना चाहती हैं। सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए उन्होंने स्वरोजगार की राह बनाई है।

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