
हजारीबाग : खनन से मिलने वाले राजस्व के मामले में हजारीबाग ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में बेहतर प्रदर्शन किया है। जिले में सालभर के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य का 61 प्रतिशत हिस्सा शुरुआती छह महीनों में ही हासिल कर लिया गया है। इस उपलब्धि के बाद खनन विभाग को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक वसूली तय लक्ष्य से काफी आगे निकल सकती है। हालांकि, यह अनुमान आने वाले महीनों में राजस्व संग्रह की गति बरकरार रहने पर निर्भर करेगा।
1656 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिले में खनन राजस्व संग्रह का लक्ष्य 1656 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले पहली छमाही में 61 प्रतिशत उपलब्धि को विभाग उत्साहजनक मान रहा है। वित्तीय वर्ष का आधा समय बीतने तक लक्ष्य का आधे से अधिक हिस्सा पूरा हो जाने से शेष अवधि में बेहतर नतीजों की उम्मीद बढ़ी है। अब विभाग का ध्यान बाकी महीनों में वसूली की मौजूदा रफ्तार बनाए रखने पर है। निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के साथ उससे अधिक राजस्व जुटाना भी विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कोयला, बालू और पत्थर से प्रमुख आमदनी
हजारीबाग में खनन राजस्व के प्रमुख स्रोत कोयला, बालू और पत्थर हैं। इन खनिजों से प्राप्त होने वाली राशि सरकारी राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देती है। पहली छमाही की उपलब्धि ने जिले में इन स्रोतों से होने वाले राजस्व संग्रह को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में अलग-अलग खनिजों से प्राप्त राजस्व का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। ऐसे में 61 प्रतिशत उपलब्धि जिले के कुल निर्धारित खनन राजस्व लक्ष्य के संदर्भ में है।
लक्ष्य से 30 प्रतिशत से भी अधिक वसूली की उम्मीद
जिला खनन पदाधिकारी अजीत कुमार के अनुसार, शुरुआती छह महीनों में वार्षिक लक्ष्य का 61 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है। उनका कहना है कि वर्तमान गति बनी रही तो वित्तीय वर्ष के अंत तक निर्धारित लक्ष्य से 30 प्रतिशत से भी अधिक राजस्व प्राप्त हो सकता है। इस अनुमान का मतलब है कि विभाग केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उससे आगे की उपलब्धि की संभावना देख रहा है। हालांकि, अतिरिक्त वसूली का यह आंकड़ा अभी संभावित है और इसे अंतिम उपलब्धि नहीं माना जा सकता।
अगले छह महीने तय करेंगे अंतिम तस्वीर
पहली छमाही के प्रदर्शन के बाद अब नजर वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही पर है। शेष अवधि में संग्रह की गति कैसी रहती है, इसी से तय होगा कि जिले की कुल वसूली किस स्तर तक पहुंचेगी। विभाग राजस्व संग्रह को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। शुरुआती उपलब्धि ने उम्मीद जरूर बढ़ाई है, लेकिन साल के अंत का वास्तविक आंकड़ा आगामी महीनों की वसूली के बाद ही स्पष्ट होगा।