
नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया में एक महिला का पीछा करने और उसे धमकाने के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय मूल के 31 वर्षीय सुयश सिन्हा को अदालत से जमानत नहीं मिली। ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (एसीटी) मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शिकायतकर्ता की सुरक्षा और भलाई को संभावित खतरा देखते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। सरकारी कर्मचारी सिन्हा की महिला से पहचान एक डेटिंग ऐप के माध्यम से हुई थी।
इनकार के बावजूद संपर्क की कोशिश का आरोप
एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि महिला के बार-बार मना करने के बावजूद सिन्हा उससे संपर्क करने की कोशिश करता रहा। आरोप है कि महिला द्वारा दिलचस्पी नहीं होने की बात स्पष्ट करने के बाद भी उसे कई महीनों तक संदेश मिलते रहे। अभियोजकों ने इसी कथित व्यवहार को जमानत का विरोध करने का आधार बनाया। उन्होंने आशंका जताई कि रिहाई मिलने पर शिकायतकर्ता की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। साथ ही गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना का भी तर्क रखा गया।
अनजान अकाउंट से आती थीं फ्रेंड रिक्वेस्ट
अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार, महिला को कभी-कभी एक ही दिन में कई सोशल मीडिया फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलती थीं। इनमें कुछ ऐसे अकाउंट भी बताए गए, जिनके यूजरनेम डराने और परेशान करने वाले थे। अभियोजन पक्ष ने कहा कि कथित घटनाओं से महिला भयभीत थी और उसमें गहरे मानसिक तनाव के लक्षण दिखाई दे रहे थे। ये बातें अदालत के समक्ष अभियोजन की ओर से रखी गईं; आरोपों पर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।
सितंबर में पुलिस तक पहुंची शिकायतकर्ता
रिपोर्ट के अनुसार, महिला सितंबर में पुलिस के पास गई थी। वहां उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय करने की सलाह दी गई। इसके बाद पुलिस ने सिन्हा के घर पर तलाशी वारंट के तहत कार्रवाई की और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। गिरफ्तारी के बाद सिन्हा को बुधवार, 14 अक्टूबर को एसीटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई में अभियोजन ने महिला की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं और कथित तौर पर लगातार किए गए संपर्क के प्रयासों का उल्लेख किया।
अदालत ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दी प्राथमिकता
स्पेशल मजिस्ट्रेट ल्यूसींडा विल्सन ने जमानत पर विचार करते हुए शिकायतकर्ता के अधिकारों, सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं को अहम माना। अदालत ने कथित व्यवहार की गंभीरता को देखते हुए सिन्हा को फिलहाल रिहा करने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होनी है। अभी का आदेश जमानत आवेदन से संबंधित है। महिला का पीछा करने और धमकाने के आरोपों पर आगे की अदालती प्रक्रिया में विचार किया जाएगा।