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जल कुम्भी से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं, केरुवा डूंगरी पंचायत से होगी पहल की शुरुआत - aksharsamvad.com
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रिपोर्ट : बिनोद केशरी, जमशेदपुर

जमशेदपुर:

तालाब और झीलों में पाए जाने वाले जल कुम्भी अब ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का नया साधन बनने जा रहा है। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के केरुवा डूंगरी पंचायत से इस पहल की शुरुआत की जा रही है, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस दिशा में स्वच्छता पुकारे फाउंडेशन के संस्थापक गौरव आनंद अपनी टीम के साथ पंचायत पहुंचे। यहां उन्होंने महिलाओं, पंचायत के मुखिया, माझी बाबा और गांव के प्रमुख लोगों के साथ बैठक कर जल कुम्भी से बनने वाले उत्पादों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में बताया गया कि जल कुम्भी के तनों को सुखाकर नोटबुक, फोटो फ्रेम, शोपीस, लैम्प शेड, साड़ी, टी-कोस्टर, बॉक्स और फाइल जैसे कई उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे महिलाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी।

संस्थापक गौरव आनंद ने बताया कि इस तरह की पहल पहले से बंगाल, त्रिपुरा और छत्तीसगढ़ में सफलतापूर्वक चल रही है। अब झारखंड में इसकी शुरुआत की जा रही है और सबसे पहले केरुवा डूंगरी पंचायत को चुना गया है।

वहीं पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे गांव की महिलाओं को नया रोजगार मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बनेंगी।

यह पहल न सिर्फ जल कुम्भी जैसी समस्या का समाधान करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत भी बनेगी।

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