ताजा खबर
‘हनुमान अंश’ की सफलता ने बदला सिनेमा का ट्रेंड, अब कृष्ण कथाओं पर दांव लगा रहे बड़े फिल्मकारबाजार खुलते ही सोना-चांदी धड़ाम, चांदी में ₹4,400 तक की बड़ी गिरावटONGC पाइपलाइन से तेल चोरी मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस अधीक्षक समेत चार गिरफ्तारजमशेदपुर में फर्जी वोटर कांड! 3 अफगानी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में, FIR दर्जब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली बनी अभेद्य किला, राष्ट्रपति पुतिन पहुंचे भारत, पीएम मोदी से अहम वार्ताटाटानगर स्टेशन पर ‘बिना टिकट सफर’ का खेल? IRCTC कर्मचारी ने खोली शिकायत, जांच की मांगTRF कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, बोनस 12.44% बढ़ा; खाते में आएंगे ₹91,022 तक30 साल की लीज को 60 साल किया, CBI के निशाने पर लालू परिवार; IRCTC होटल मामले में फिर बढ़ी मुश्किलझारखंड में फिर बदला मौसम का मिजाज, आज इन 4 जिलों में भारी बारिश-वज्रपात का अलर्टनेपाल में तबाही का सबसे बड़ा अपडेट: 1377 मौतें, 5000 से ज्यादा अब भी लापता‘हनुमान अंश’ की सफलता ने बदला सिनेमा का ट्रेंड, अब कृष्ण कथाओं पर दांव लगा रहे बड़े फिल्मकारबाजार खुलते ही सोना-चांदी धड़ाम, चांदी में ₹4,400 तक की बड़ी गिरावटONGC पाइपलाइन से तेल चोरी मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस अधीक्षक समेत चार गिरफ्तारजमशेदपुर में फर्जी वोटर कांड! 3 अफगानी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में, FIR दर्जब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली बनी अभेद्य किला, राष्ट्रपति पुतिन पहुंचे भारत, पीएम मोदी से अहम वार्ताटाटानगर स्टेशन पर ‘बिना टिकट सफर’ का खेल? IRCTC कर्मचारी ने खोली शिकायत, जांच की मांगTRF कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, बोनस 12.44% बढ़ा; खाते में आएंगे ₹91,022 तक30 साल की लीज को 60 साल किया, CBI के निशाने पर लालू परिवार; IRCTC होटल मामले में फिर बढ़ी मुश्किलझारखंड में फिर बदला मौसम का मिजाज, आज इन 4 जिलों में भारी बारिश-वज्रपात का अलर्टनेपाल में तबाही का सबसे बड़ा अपडेट: 1377 मौतें, 5000 से ज्यादा अब भी लापता
चवदार तालाब सत्याग्रह की याद में साकची में धरना, सामाजिक समानता का संदेश - aksharsamvad.com
Spread the love

रिपोर्ट : विनोद केशरी, जमशेदपुर

जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर में आज लोगों ने एकजुट होकर ऐतिहासिक चवदार तालाब सत्याग्रह की याद में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए सामाजिक समानता और न्याय पर जोर दिया।

20 मार्च 1927 को महाराष्ट्र के महाड़ में डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में चवदार तालाब सत्याग्रह किया गया था। यह आंदोलन केवल पानी पीने के अधिकार तक सीमित नहीं था, बल्कि उस सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ था, जिसमें दलितों को बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जाता था।

धरने में शामिल लोगों ने कहा कि अंबेडकर का यह संघर्ष आज भी प्रासंगिक है, क्योंकि समाज के कई हिस्सों में अब भी जाति और भेदभाव की समस्या मौजूद है। उन्होंने लोगों से सामाजिक सोच में बदलाव लाने और समानता के मूल्यों को अपनाने की अपील की।

इस मौके पर लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि वे समाज में बराबरी और न्याय के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

error: Content is protected !!
Exit mobile version