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सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जवान की मलेरिया से मौत/अभियान के दौरान मच्छर भी जानलेवा साबित हो रहे - aksharsamvad.com
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चाईबासा रिपोर्टर 
सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान नक्सलियों की गोलियां और आईईडी ही नहीं, मच्छर भी जवानों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। अभियान में शामिल असम निवासी एक जवान की मलेरिया से मौत हो गई। बीमार पड़ने पर उन्हें इलाज के लिए रांची ले जाया गया था, जहां अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार मृतक जवान की पहचान के. आनंद सिंह के रूप में हुई है जो असम के रहने वाले थे और वर्तमान में सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान में तैनात थे। सूत्रों के अनुसार अभियान के दौरान जवान को तेज बुखार आया। प्राथमिक जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया था। वहां इलाज के दौरान मलेरिया के कारण मल्टीपल ऑर्गन फेल हो गए और शनिवार 18 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि सांरडा एक मलेरिया जोन है। यही कारण है कि सारंडा जैसे घने जंगलों में नक्सल अभियान के दौरान जवानों को नक्सलियों के अलावा बीमारियों से भी जूझना पड़ रहा है। मच्छर जनित बीमारियां, खासकर मलेरिया और डेंगू, जवानों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। बारिश के बाद जंगल में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लगातार गश्त और दुर्गम इलाकों में डेरा डालने के कारण जवान संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। जवान की मौत की खबर से बटालियन और पुलिस महकमे में शोक की लहर है। वरीय अधिकारियों ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ पैतृक गांव असम भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। सूचना है कि घटना के बाद अभियान में शामिल अन्य जवानों की भी स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए गए हैं। जवानों को मच्छरदानी, कीटनाशक और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। वरीय अधिकारियों ने कहा कि नक्सलियों से लड़ाई के साथ जवानों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी प्राथमिकता है।
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