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हाथी आतंक से दहशत, विधायक के बयान पर बढ़ा ग्रामीणों का आक्रोश / वृद्ध महिलाओं को खटिया सहित घसीटा, मची अफरा-तफरी - aksharsamvad.com
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कृति चंद्र गोप, सरायकेला
 दलमा वन्य प्राणी अभ्यारण्य से सटे ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार देर रात करीब एक बजे चांडिल प्रखंड के हिरमिली-दालग्राम गांव में एक विशाल ट्रस्कर हाथी के घुस आने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। गर्मी के कारण घर के बाहर खटिया पर सो रही करीब 70 एवं 75 वर्षीय दो वृद्ध महिलाओं को हाथी ने खटिया सहित घसीट दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथी उन्हें छोड़कर भागा। दोनों महिलाओं को हल्की चोटें आई हैं। ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
राशन दुकान तोड़ी, खेत रौंदे, फिर कदमडीह पहुंचा हाथी
ग्रामीणों के अनुसार हाथी ने दालग्राम निवासी बुद्धेश्वर तंतूबाई की राशन दुकान की खिड़की तोड़कर चावल व अन्य अनाज खा लिया। इसके बाद वह धान के खेत में घुस गया और फसल को नुकसान पहुंचाया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी और शोरगुल कर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। लेकिन कुछ देर बाद हाथी चांडिल गोलचक्कर मुख्य सड़क और रेलवे ट्रैक पार कर कदमडीह पहुंच गया, जहां वह सिंह जी के घर के आसपास करीब दो घंटे तक मंडराता रहा। इससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग रातभर जागकर पहरा देते रहे।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप 
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम देर से पहुंची। जब तक टीम पहुंची, हाथी नुकसान कर जंगल की ओर लौट चुका था। ग्रामीणों ने कहा कि दलमा से निकलने वाले हाथियों का मूवमेंट रोज का हो गया है, लेकिन रोकथाम के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है।
विधायक के बयान से फूटा गुस्सा
इधर, हाथी आतंक को लेकर स्थानीय विधायक के एक बयान ने ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि विधायक ने कहा कि “हाथी जंगल का हिस्सा हैं, ग्रामीणों को उनके साथ जीना सीखना होगा।” इस बयान के बाद दालग्राम, कदमडीह और आसपास के ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के बजाय हमें ही नसीहत दे रहे हैं। हर हफ्ते फसल बर्बाद हो रही है, जान पर बन आती है, और मुआवजा भी समय पर नहीं मिलता।
मुआवजे और सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल सोलर फेंसिंग लगाने, ट्रैकर दल की स्थायी तैनाती और पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण सड़क जाम कर प्रदर्शन करेंगे।
फिलहाल वन विभाग की टीम हाथी को दलमा सेंचुरी की ओर खदेड़ने में जुटी है। विभाग ने ग्रामीणों से रात में सतर्क रहने और अकेले बाहर न निकलने की अपील की है।
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