ताजा खबर
चाईबासा में अचानक कांपी धरती, कुछ पल के लिए थम गई लोगों की सांसें•मैदान में मुकाबला, थाली में झारखंड का स्वाद, क्रिकेट सितारों के लिए खास मेन्यू•सुनने की परेशानी में मिला सहारा, शांति लता को मिली ₹10 हजार की मशीन•दो एयरलाइनों में नहीं मिली नौकरी, फ्लाईदुबई पहुंचा कैसे? आरोपी को-पायलट की भर्ती पर सवाल•बचपन पर ऑफलाइन और ऑनलाइन खतरे, सुरक्षा के लिए एकजुट होने की पुकार•रांची जाने निकले थे, चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में गई जान•पंडाल दर्शन होगा आसान, रांची में मुफ्त बस सेवा की तैयारी•14 साल की उम्र में राष्ट्रीय चैंपियन, जमशेदपुर के अधिराज ने रचा इतिहास•नगर निगम या इंडस्ट्रियल टाउनशिप? सुप्रीम कोर्ट में जमशेदपुर के भविष्य पर सुनवाई टली•टाटा कमांड एरिया में बड़ा बदलाव, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की पाबंदी; अब सभी को मिलेगा पानी-बिजली कनेक्शनचाईबासा में अचानक कांपी धरती, कुछ पल के लिए थम गई लोगों की सांसें•मैदान में मुकाबला, थाली में झारखंड का स्वाद, क्रिकेट सितारों के लिए खास मेन्यू•सुनने की परेशानी में मिला सहारा, शांति लता को मिली ₹10 हजार की मशीन•दो एयरलाइनों में नहीं मिली नौकरी, फ्लाईदुबई पहुंचा कैसे? आरोपी को-पायलट की भर्ती पर सवाल•बचपन पर ऑफलाइन और ऑनलाइन खतरे, सुरक्षा के लिए एकजुट होने की पुकार•रांची जाने निकले थे, चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में गई जान•पंडाल दर्शन होगा आसान, रांची में मुफ्त बस सेवा की तैयारी•14 साल की उम्र में राष्ट्रीय चैंपियन, जमशेदपुर के अधिराज ने रचा इतिहास•नगर निगम या इंडस्ट्रियल टाउनशिप? सुप्रीम कोर्ट में जमशेदपुर के भविष्य पर सुनवाई टली•टाटा कमांड एरिया में बड़ा बदलाव, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की पाबंदी; अब सभी को मिलेगा पानी-बिजली कनेक्शन
प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय पटमदा में तीन दिवसीय समर कैंप का रंगारंग समापन, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर - aksharsamvad.com
Spread the love

 

अक्षर संवाद, पटमदा, पूर्वी सिंहभूम
पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा स्थित प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय में तीन दिवसीय समर कैंप का आज 21 मई को रंगारंग समापन हो गया। विद्यालय परिसर बच्चों की ऊर्जा, उत्साह और रचनात्मक प्रस्तुतियों से जीवंत नजर आया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, व्यक्तित्व विकास तथा पारंपरिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को निखारना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना तथा अनुशासन और सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत करना था।कैंप के अंतिम दिन जुम्बा व्यायाम, कंचे का खेल, गिल्ली-डंडा, पिट्टू, गुलेल भाषण, क्षेत्रीय लोकनृत्य सहित कई मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पारंपरिक खेलों और लोक संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों में बच्चों ने विशेष उत्साह दिखाया। समापन के अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ॰ प्रियंका झा ने कहा कि इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियां, बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने में सहायक होती हैं। शिविर के दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें टीम भावना, अनुशासन तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। तीन दिनों तक चले इस समर कैंप ने विद्यार्थियों को सीखने के साथ मनोरंजन और आत्मविकास का बेहतर अवसर प्रदान किया। जनप्रतिनिधि  उप मुखिया गोपाल गोराई के द्वारा बच्चों को पुरस्कार दिया गया। हिन्दी शिक्षिका पूनम कुमारी के द्वारा भाषा संरक्षण क्षेत्रीय भाषा
पर जोर दिया गया। अलका कुमारी के द्वारा क्वीज प्रतियोगिता करवाया गया।
error: Content is protected !!
Exit mobile version