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एनआईटी जमशेदपुर में शिक्षक उन्नयन कार्यक्रम, छात्र मार्गदर्शन और नवाचारपूर्ण शिक्षण पर जोर - aksharsamvad.com
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जमशेदपुर: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में पांच दिवसीय शिक्षक उन्नयन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र मार्गदर्शन, मनोसामाजिक कल्याण, परामर्श सहायता व्यवस्था, परिणाम आधारित शिक्षा तथा समावेशी शैक्षणिक प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाना है। यह कार्यक्रम संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को प्रातः 10 बजे से संस्थान के व्याख्यान कक्ष में छात्र मार्गदर्शन कौशल कार्यशाला के अंतर्गत दो विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। पहले सत्र का विषय था “छात्रों के सामने आने वाली प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बाधाओं की पहचान”। इस सत्र को केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), रांची के मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्य प्रशिक्षक विष्णु सुरेश ने संबोधित किया।

उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक निरंतरता को प्रभावित करने वाली शैक्षणिक, व्यवहारिक, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समस्याओं की प्रारंभिक पहचान, मनोसामाजिक सहयोग और प्रभावी मार्गदर्शन की विभिन्न विधियों की जानकारी दी। साथ ही छात्रों में मानसिक मजबूती, भावनात्मक संतुलन और समग्र विकास को बढ़ावा देने में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। दूसरा सत्र “परिणाम आधारित शिक्षा और सक्रिय शिक्षण पद्धति” विषय पर आयोजित हुआ, जिसे कोलकाता की मनोचिकित्सीय विशेषज्ञ एन. टी. रूपा ने संचालित किया। उन्होंने छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को परिणाम आधारित शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। सत्र में पाठ्यक्रम लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षण, दक्षता विकास, सक्रिय अधिगम तकनीक, सहयोगात्मक एवं अनुभवात्मक शिक्षण, सतत मूल्यांकन और गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और सहभागितापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करने के लिए नवाचारपूर्ण शिक्षण उपायों की भी जानकारी दी। दोनों सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक और संवादात्मक रहे। प्रतिभागियों को छात्र सहायता व्यवस्था, प्रभावी मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं।

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