डीजीपी तदाशा मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ओडिशा से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन नक्सल प्रभावित गांवों में संयुक्त रूप से विश्वास बहाली अभियान चलाएं, ताकि ग्रामीणों का भरोसा बढ़े और विकास योजनाएं बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकें। उन्होंने स्पष्ट किया विकास परियोजनाओं में बाधा डालने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार विकास कार्यों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, सर्च ऑपरेशन की नई रणनीति और फील्ड में त्वरित निर्णय क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संयुक्त अभियान को और प्रभावी बनाकर कोल्हान को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से काम किया जाए। बैठक के बाद एसपी अमित रेणु ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों ने कई सफल अभियान चलाए हैं, जिससे नक्सलियों की ताकत काफी कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि नक्सली संगठन छोटे-छोटे समूहों में बंट चुके हैं और कई इलाकों से उनका प्रभाव लगभग समाप्त हो गया है।
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